प्रतियोगी परीक्षाओं का पेपर लीक कराने वाले साल्वर गिरोह का पर्दाफाश, दस दबोचे

नोएडा : उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्यों में प्रतियोगी परीक्षाओं का पेपर आउट कराने वाले साल्वर गिरोह का रविवार को सेक्टर-58 कोतवाली पुलिस ने पर्दाफाश किया है। इसमें दस शातिर आरोपित पुलिस के हत्थे चढ़े हंै, जिनके पास से नौ लाख 15 हजार की नकदी, दो-दो लाख के दो चेक, दो चार पहिया वाहन और 28 प्रवेश पत्र बरामद हुए हैं।


आरोपितों की पहचान हरियाणा के विकास शर्मा, सुनील कुमार व सतनाम और राजस्थान के वीरेंद्र यादव, लायक, जितेंद्र यादव, महिपाल यादव व गोरखपुर के लाखन सिंह और बिहार के उमेश कुमार तातवार के रूप में हुई है। कई अन्य आरोपितों की तलाश में पुलिस की टीमें दबिश दे रही हैं। एडीसीपी रणविजय सिंह ने बताया कि गिरफ्त में आया साल्वर गिरोह पिछले ढाई वर्षो से सक्रिय है और यूपी सहित पांच राज्यों में प्रतियोगी परीक्षाओं का पेपर आउट करवाता है। आरोपित सुनील, सतनाम और लाखन आर्मी से रिटायर्ड है।

ऐसे चढ़े पुलिस के हत्थे: कोतवाली प्रभारी विनोद कुमार यादव ने बताया कि सोमवार को हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग की ओर से कांस्टेबल की भर्ती की परीक्षा थी। संबंधित परीक्षा का पेपर लीक कराने के मकसद से साल्वर गिरोह के सदस्य नोएडा में एकत्र हुए थे। इसी दौरान उन्हें सूचना के आधार पर गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में आरोपितों ने पुलिस को बताया कि गिरोह के सदस्य असली अभ्यर्थी की जगह नकली अभ्यर्थी को परीक्षा में बिठाकर पास कराने का ठेका लेते थे।

10वीं-12वीं पास हैं आरोपित: साल्वर गैंग के सदस्य महज हाईस्कूल और इंटरमीडिएट पास हैं। लेकिन, स्नातक और परास्नातक पास अभ्यर्थी इनके जाल में फंस जाते थे। रविवार को नोएडा में होने वाली परीक्षा में अभ्यर्थी दीपक के स्थान पर एक अन्य अभ्यर्थी को बैठाने की तैयारी थी। सतनाम, सुनील, विकास शर्मा, महिपाल और जितेंद्र ने बताया कि सोमवार को ही पेपर आउट कराने की तैयारी थी। पेपर आउट की कापी उमेश, अभिनव, वीरेंद्र, लायक और लाखन से लेनी थी। शुरुआत में चार लाख अभ्यर्थी को देने थे, बाकी का पैसा काम होने के बाद में देना होता था।

पिछले ढाई वर्षो से सक्रिय है यह साल्वर गिरोह और यूपी सहित पांच राज्यों में प्रतियोगी परीक्षाओं का पेपर आउट करवाता है