विद्यालय से गायब मिले गुरुजी, वेतन रोकने की सिफारिश, परिषदीय विद्यालयों के शिक्षक अपनी कार्यशैली में नहीं ला रहे सुधार

गोरखपुर सहजनवां : अफसरों के लाख चाहने के बाद भी परिषदीय विद्यालयों के शिक्षक अपनी कार्यशैली में सुधार नहीं ला रहे हैं। मंगलवार को सहजनवां, पिपरौली व पाली के परिषदीय विद्यालयों का बीईओ ने निरीक्षण किया। आधा दर्जन की संख्या में शिक्षक, शिक्षा मित्र व अनुदेशक अनुपस्थित मिले, जिसके बाद उनका वेतन रोकने की सिफारिश की गई है।


खंड शिक्षा अधिकारी पाली रजनीश द्विवेदी ने कहा कि मंगलवार को चार विद्यालयों का निरीक्षण किया। प्राथमिक विद्यालय घुरियापार में सब कुछ ठीक मिला। प्राथमिक विद्यालय बनकटिया के निरीक्षण के दौरान इंचार्ज प्रधानाध्यापक प्रेम सहाय अनुपस्थित मिले। साथ ही कायाकल्प योजना के तहत धन निकालने के बाद भी विद्यालय में कोई कार्य नहीं कराया गया है।

बीईओ ने कहा कि इंचार्ज प्रधानाध्यापक प्रेम सहाय का वेतन बाधित करने को पत्र भेजा गया। प्राथमिक विद्यालय टड़वाकला व पुंडा के निरीक्षण में सब सही मिला। सहजनवां बीईओ हर गो¨वद सिंह ने बताया कि प्राथमिक विद्यालय सिन्धवलिया में एक शिक्षा मित्र, उच्च प्राथमिक विद्यालय पचौरी में दो अनुदेशक व एक सहायक अध्यापक गैर हाजिर पाए गए। पिपरौली बीईओ विजय ओझा ने बताया कि प्राथमिक विद्यालय झुंगिया व बरबार खुर्द में एक एक शिक्षा मित्र अनुपस्थित मिले। बिना अवकाश के गायब जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई को बीएसए को पत्र भेजा गया है।

जलनिकासी के लिए खुला सोख्ता दिखाते ग्रामीण ’ जागरण

परिषदीय विद्यालयों के शिक्षक अपनी कार्यशैली में नहीं ला रहे सुधार

भटहट: सदर तहसील क्षेत्र के जंगल डुमरी नंबर दो के कोइरीपुर टोला पर स्थित प्राथमिक विद्यालय में अव्यवस्था को लेकर मंगलवार को दर्जनों ग्रामीण एकत्र होकर हंगामा करने लगे। ग्रामीण अमीर चंद यादव ने जिलाधकारी विजय किरण आनंद एवं मुख्य विकास अधिकारी इंद्रजीत सिंह को फोन कर मामले की सूचना दी। जिसपर अधिकारियों ने दोषियों पर कार्यवाही कराने का आश्वासन दिया।

दोपहर लगभग 11:30 बजे स्कूल में पहुंचे ग्रामीणों ने सहायक अध्यापक वीरेंद्र बहादुर से स्कूल में फैली अव्यवस्था को लेकर पूछताछ करना शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने मीनू के अनुसार एमडीएम नहीं बनने का आरोप लगाया। मीनू में चावल दाल बनाया जाना था, जबकि मौके पर बच्चों को चावल के साथ खराब गुणवत्ता की आलू की सब्जी बनाकर परोसी जा रही थी। रसोइया धनावती देवी व सुधिया देवी ने बताया कि स्कूल पर दाल कभी नहीं बनती है। प्रधानाध्यापक द्वारा चावल सब्जी का सामान ही उपलब्ध कराया जाता है। शुद्ध पेयजल के लिए टोटियां तो लगाई गई है , लेकिन उसमें पानी नहीं आता है। ग्रामीण ने कहा, कोइरीपुर प्राथमिक विद्यालय का चयन इंग्लिश मीडियम स्कूल के लिए किया गया है। कागजों में यहां सब कुछ दुरुस्त है, लेकिन मौके पर भारी अव्यवस्था फैली हुई है। इस संबंध में अवकाश पर रहे प्रधानाध्यापक नवीन कुमार ने मोबाइल फोन पर बताया कि बच्चे एमडीएम में दाल खाना पसंद नहीं करते हैं इसलिए सब्जी बनाई जाती है वहीं अन्य अव्यवस्था के विषय में पूछने पर उन्होंने कहा कि ग्राम प्रधान की जिम्मेदारी है।

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