टीईटी पेपर लीक प्रकरण में गिरफ्तार शिक्षक और लैब टेक्नीशियन निलंबित

 प्रयागराज : टीईटी पेपर लीक प्रकरण में जेल में बंद शिक्षक सत्य प्रकाश सिंह पटेल को बीएसए ने निलंबित कर दिया है। वहीं, चित्रकूट के बरवारा निवासी और कौशांबी के कड़ा पीएचसी में तैनात लैब टेक्नीशियन रोशनलाल को भी निलंबित कर दिया गया।

 प्रयागराज : टीईटी पेपर लीक प्रकरण में जेल में बंद शिक्षक सत्य प्रकाश सिंह पटेल को बीएसए ने निलंबित कर दिया है। मामले की जांच बीईओ नगर क्षेत्र शिव औतार को दी गई है। वहीं, चित्रकूट के बरवारा निवासी और कौशांबी के कड़ा पीएचसी में तैनात लैब टेक्नीशियन रोशनलाल पर विभागीय कार्रवाई भी की गई है। सीएमओ ने रोशनलाल को निलंबित करते हुए शासन को जानकारी दी है। साथ ही कहा कि यदि दोष सिद्ध होता है तो उनकी सेवा समाप्त करने की कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही यूपीटीईटी का पेपर आउट करने तथा आंसर शीट उपलब्ध कराने के मामले में मंगलवार को बस्ती में भी पांच लोग पकड़े गए हैं। इसमें एक प्राथमिक विद्यालय का शिक्षक है। पुलिस अब मुख्य आरोपित की तलाश कर रही है जबकि बागपत के बड़ौत में सोमवार को एसटीएफ ने जनता वैदिक कालेज के पास से एक युवक को गिरफ्तार कर उसके दो अन्य साथियों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया है। बीएसए, प्रयागराज ने बताया कि पेपर लीक मामले में रविवार को एसटीएफ ने कई लोगों को गिरफ्तार किया था। इसमें शंकरगढ़ ब्लॉक के करिया खुर्द प्राथमिक विद्यालय के सहायक अध्यापक सत्य प्रकाश सिंह पटेल भी शामिल थे। पूछताछ से पता चला है कि उन्होंने अपने साढ़ू के बेटे और बेटी को पास कराने के लिए पांच लाख रुपये में पेपर और साल्वर की व्यवस्था की थी। परीक्षा के दिन उनके मोबाइल पर प्रश्नपत्र आया था। एसटीएफ की कार्रवाई के आधार उनका निलंबन किया गया है। वहीं, बस्ती के एसपी आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि एसटीएफ की सूचना के आधार पर प्रकरण में गिरफ्तारी के लिए लालगंज पुलिस व बस्ती की एंटी नारकोटिक्स की संयुक्त टीम गठित की गई है। टीम ने पांच आरोपितों को दिन में लगभग डेढ़ बजे लालगंज थाना क्षेत्र के गौरा घाट पुल के पास से गिरफ्तार किया। सभी के पास मोबाइल फोन मिले हैं, जिसमें टीईटी का मूल प्रश्न पत्र व आंसर शीट मिली है। मुख्य आरोपित ने आनंद प्रकाश फरार है। एसटीएफ मेरठ के अनुसार सोमवार को बड़ौत स्थित जनता वैदिक कालेज के सामने जूते की दुकान करने वाले छछरपुर गांव निवासी राहुल चौधरी को पकड़ा था। उसके पास से 25 पेज का पेपर सेट, तीन स्मार्ट फोन, जिनमें भर्ती संबंधी चैट, एडमिट कार्ड, पैसों का लेनदेन मिला है। राहुल ने अपने साथी फिरोज निवासी किरठल गांव, थाना रमाला और बबलू उर्फ बलराम राठी निवासी सैडब्बर गांव, थाना शाहपुर, जिला मुजफ्फरनगर के साथ मिलकर विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में अभ्यर्थियों को पास कराने के नाम पर वसूली की थी। राहुल के पास से जो पेपर मिला है वह 28 नवंबर को निरस्त हो चुकी यूपीटीईटी की द्वितीय पाली की परीक्षा का है, जो रवि उर्फ बंटी निवासी नाला, थाना कांधला शामली ने उसे 27 नवंबर की रात को दिया था। रवि को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस ने तीनों आरोपितों पर मुकदमा दर्ज कर राहुल को अदालत में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। बबलू ने दारोगा भर्ती में किया था कंप्यूटर हैक का प्रयास : वर्तमान में उप्र दारोगा भर्ती की आनलाइन परीक्षा चल रही है। इस परीक्षा में भी बबलू उर्फ बलराम ने सेंधमारी का प्रयास किया था। इसके लिए उसने कंकरखेड़ा बाईपास स्थित राधेश्याम विद्यापीठ लैब किराये पर ली थी और कंप्यूटर हैंक कर पेपर साल्व कराने का प्रयास किया था, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद उसने साल्वर को बैठाने का प्रयास भी किया था। इसके लिए उसने अभ्यर्थियों से रुपये लिए थे।

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