प्रयागराज के साइबर कैफे में बनता था जाली एडमिट कार्ड


टीईटी पेपर लीक प्रकरण मामले की जांच के दौरान एक बड़ा खुलासा हुआ है। इसके मुताबिक, सॉल्वर व पेपर लीक गिरोह के लिए जाली एडमिट कार्ड बनाने का काम शहर के अल्लापुर स्थित साइबर कैफे में होता था। यहां न सिर्फ एडमिट कार्ड बल्कि नकली आधार कार्ड भी बनाया जाता था। फोटो मिक्सिंग से बने इन दस्तावेजों के जरिए ही यह गिरोह परीक्षा में फर्जीवाड़ा करता था। फिलहाल पुलिस कैफे संचालक की तलाश में जुट गई है।


टीईटी परीक्षा के दौरान जिले में पेपर लीक व सॉल्वर गिरोह का भंडाफोड़ हुआ था। नैनी, झूंसी, जार्जटाउन व धूमनगंज में कुल 18 लोग गिरफ्तार किए गए थे। जबकि  गिरोह के कई सदस्य अभी फरार हैं। जार्जटाउन में कुल पांच लोग पकड़े गए थे जिनमें चतुर्भुज सिंह, संजय सिंह उर्फ मलिक, अजय कुमार, सुनील कुमार सिंह और ब्रह्मशंकर सिंह शामिल हैं। सूत्रों का कहना है कि जांच पड़ताल और पकड़े गए अभियुक्तों से पूछताछ में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ

सरगना चतुर्भुज ने पूछताछ में अफसरों को बताया कि उसका गिरोह जाली एडमिट कार्ड व आधार कार्ड के जरिए सॉल्वरों को परीक्षा में बैठाता था। खास बात यह है कि जाली एडमिट कार्ड व आधार कार्ड अल्लापुर स्थित साइबर कैफे में बनते थे। इसका संचालक माली चौराहा निवासी मोनू उर्फ मन्नू है।

वह अभ्यर्थियों और सॉल्वर के फोटो मिक्स कर जाली आधार व एडमिट कार्ड तैयार करता था। इसके एवज में उसे प्रति एडमिट कार्ड व आधार कार्ड एक हजार रुपये दिए जाते थे। यह जानकारी मिलने के बाद जार्जटाउन पुलिस साइबर कैफे संचालक की तलाश में जुट गई है। टीम ने उसके अल्लापुर स्थित घर पर भी दबिश दी लेकिन वह गायब मिला। परिजन भी उसके बारे में कुछ बता नहीं पाए।

एक लाख में डील, 50 हजार सॉल्वर कोसूत्रों के मुताबिक, जार्जटाउन में पकड़े गए सॉल्वर गिरोह के सदस्यों ने बताया है कि वह अभ्यर्थियों से एक लाख में सॉल्वर बैठाने की डील करते थे। इसमें 50 हजार रुपये सॉल्वर को दिए जाते थे, जिसमें से 10 रुपये एडवांस में ही दे देते थे। शेष रकम परीक्षा पास होने के बाद दी जाती थी। बाकी की रकम सरगना चतुर्भुज और उसका सहयोगी सुनील रख लेता था।

सोनू की तलाश में जौनपुर जाएगी टीमप्रयागराज। धूमनगंज में सॉल्वर गिरोह के भंडाफोड़ के बाद फरार चल रहे सरगना सोनू को पकड़ने के लिए जल्द ही एक टीम जौनपुर भेजी जाएगी। धूमनगंज पुलिस का कहना है कि सोनू, उसके सहयोगी सर्वजीत वर्मा और पहली पाली की परीक्षा दे चुके बिट्टू कुमार उर्फ बच्चू प्रसाद की तलाश की जा रही है।

गैंग का सरगना सोनू है जिसके बाद उसके सलोरी स्थित ठिकाने पर दबिश दी गई लेकिन वह नहीं मिला। अब जल्द ही जौनपुर के चंदवक स्थित उसके पैतृक गांव में टीम भेजी जाएगी। सर्वजीत का पता अभी नहीं मिल सका है जबकि बिट्टू नालंदा, बिहार का रहने वाला है। सोनू के पकड़े जाने के बाद ही उनके बारे में भी जानकारी मिल पाएगी।

दोनों पालियों के लिए अलग सॉल्वरों की थी व्यवस्थापुलिस का कहना है कि धूमनगंज केझलवा स्थित सरोज गर्ल्स विद्यालय में टीईटी के दौरान पकड़े गए अभ्यर्थी ललित कुमार निवासी पंवार जौनपुर से पूछताछ में अहम खुलासे हुए हैं। एक खास बात यह है कि सरगना सोनू ने उसकी जगह परीक्षा में बैठने के लिए दो सॉल्वरों का इंतजाम किया था। इन्हें अलग-अलग पालियों में परीक्षा देनी थी।

इनमें से एक बिट्टू था और दूसरा मौके से गिरफ्तार रंजय कुमार निवासी नालंदा बिहार शामिल है। बिटटू पहली पाली की परीक्षा में शामिल होकर मौकेसे जा भी चुका था। हालांकि  पेपर रद्द होने से आरोपी अपने मकसद में कामयाब नहीं हो पाए और इसी दौरान एसटीएफ ने उन्हें दबोच लिया। 

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