UPTET पेपर लीक कांड में बढ़ता जा रहा जांच का दायरा, शिक्षक सहित पांच आरोपित गिरफ्तार

, लखनऊ : उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपीटीईटी) 2021 का प्रश्नपत्र लीक होने के मामले में एसटीएफ की जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। प्रश्नपत्र छापने का ठेका लेने वाली दिल्ली की कंपनी आरएसएम फिनसर्व लिमिटेड के निदेशक राय अनूप प्रसाद की गिरफ्तारी के बाद एसटीएफ की जांच के घेरे में कई बड़े भी आ गए हैं। परीक्षा नियामक प्राधिकारी सचिव संजय उपाध्याय के निलंबन के बाद प्रश्नपत्र के मुद्रण के लिए कंपनी के चयन में लापरवाही के सवाल भी उठ रहे हैं। रही अब तक की जांच में ¨पट्रिंग के दौरान ही प्रश्नपत्र लीक होने की बात सामने आई है।


एडीजी कानून-व्यवस्था प्रशांत कुमार का कहना है कि अब तक की छानबीन में किसी जिले में प्रश्नपत्र के लिफाफे की सील खुली मिलने की बात सामने नहीं आई है। कई ¨बदुओं पर छानबीन जारी है।

मुख्यमंत्री योगी के कड़े निर्देशों के बाद एसटीएफ की अलग-अलग यूनिट गहनता से छानबीन में जुटी हैं। दो दिनों की पड़ताल की दौरान एसटीएफ के हाथ प्रश्नपत्र की ¨पट्रिंग कराने वाली एजेंसी तक पहुंचे और अब उसके निशाने पर कई और आरोपित हैं। प्रश्नपत्र लीक होने के बाद कई हाथों में पहुंचने और अलग-अलग स्तर पर उसे बेचने का काम किए जाने के तथ्य सामने आ चुके हैं। यही वजह है कि एसटीएफ अब तक पकड़े गए सभी आरोपितों के आपसी कनेक्शन की भी गहनता से छानबीन कर रही है। बागपत में पकड़े गए राहुल चौधरी ने पूछताछ में एसटीएफ अधिकारियों के सामने उसे परीक्षा से एक दिन पूर्व पेपर हासिल होने की बात स्वीकार की है। राहुल ने अपने साथी रवि उर्फ बंटी, फिरोज व बलराम राठी के नाम उगले हैं। एसटीएफ उसके तीनों साथियों की भी तलाश कर रही है। ताकि यह पता लगा कि सके कि इस गिरोह को प्रश्नपत्र किससे हासिल हुआ था। राहुल ने इन दिनों चल रही दारोगा भर्ती परीक्षा में भी धांधली करने का प्रयास करने की बात भी स्वीकार की है। ऐसे ही प्रयागराज, लखनऊ व अन्य जिलों में पकड़े गए कई आरोपितों के पास भी प्रश्नपत्र हासिल हुए थे। जिनके कई साथी भी अब तक फरार हैं। दूसरी ओर इस परीक्षा में सेंधमारी के लिए कई साल्वर गिरोह भी सक्रिय थे। एसटीएफ ऐसे करीब 12 से अधिक साल्वर गिरोह की छानबीन कर रही है। खासकर बिहार से साल्वर उपलब्ध कराने वाले गिरोह उसके रडार पर हैं। बिहार का गिरोह परीक्षा तिथि से करीब दो सप्ताह पूर्व ही सक्रिय हो गया था और कई साल्वर प्रदेश के अलग-अलग जिलों में भेजे गए थे। एसटीएफ जल्द कई और आरोपितों को गिरफ्तार करने की तैयारी में है। एडीजी एसटीएफ अमिताभ यश खुद अलग-अलग स्तर व ¨बदुओं पर चल रही छानबीन की मानीटरिंग कर रहे हैं। एडीजी ने अब तक सामने आए तथ्यों के आधार पर अधीनस्थों को कई कड़े निर्देश भी दिए हैं।

शिक्षक सहित पांच आरोपित गिरफ्तार
लखनऊ : यूपीटीईटी का पेपर आउट करने तथा आंसर शीट उपलब्ध कराने के मामले में मंगलवार को बस्ती में भी पांच लोग पकड़े गए हैं। इसमें एक प्राथमिक विद्यालय का शिक्षक है। पुलिस अब मुख्य आरोपित की तलाश कर रही है जबकि बागपत के बड़ौत में सोमवार को एसटीएफ ने जनता वैदिक कालेज के पास से एक युवक को गिरफ्तार कर उसके दो अन्य साथियों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया है। बस्ती के एसपी आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि एसटीएफ की सूचना के आधार पर प्रकरण में गिरफ्तारी के लिए लालगंज पुलिस व बस्ती की एंटी नारकोटिक्स की संयुक्त टीम गठित की गई है। टीम ने पांच आरोपितों को दिन में लगभग डेढ़ बजे लालगंज थाना क्षेत्र के गौरा घाट पुल के पास से गिरफ्तार किया। इनमें बस्ती के गौर थानाक्षेत्र के माझा मानपुर निवासी आनंद प्रकाश यादव, जगदीश यादव, कोतवाली थानाक्षेत्र के मुंडेरवा (लबनापार) निवासी विनय कुमार, लालगंज थानाक्षेत्र के तिघरा निवासी शिक्षक सत्येंद्र सिंह उर्फ सोनू तथा धर्मेंद्र यादव शामिल हैं। सत्येंद्र प्राथमिक विद्यालय भानपुर में तैनात है। सभी के पास मोबाइल फोन मिले हैं, जिसमें टीईटी का मूल प्रश्न पत्र व आंसर शीट मिली है। मुख्य आरोपित आनंद प्रकाश फरार है।



उत्तराखंड टीईटी में भी बैठा था साल्वर
अयोध्या: यूपीटीईटी में सेंध लगाने वाले साल्वर उत्तराखंड टीईटी में भी शामिल हुए थे। यह सच्चाई अयोध्या में गिरफ्तार किए गए साल्वर रमेश कुमार ने एसटीएफ की पूछताछ में कबूली है। रमेश के पास से उत्तराखंड विद्यालय शिक्षा परिषद रामनगर नैनीताल 2021 का प्रवेश पत्र भी बरामद हुआ है। रमेश के मोबाइल की गैलरी में मिला प्रवेश पत्र पप्पू आर्या के नाम है, जिस पर रमेश कुमार की फोटो लगाई गई है। एएसपी पलाश बंसल बोले कि उत्तराखंड परीक्षा को लेकर अभियुक्त की ओर से दी गई जानकारी पर भी जांच कराई जाएगी।

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