कोरोना काल मे स्कूल खुलने के आदेश से शिक्षक परेशान


गौतमबुद्धनगर(विधानकेसरी)। जहां एक तरफ सरकार ने कोरोना काल मे 1 जुलाई से परिषदीय स्कूलों में महत्वपूर्ण योजनाओं को पूरा कराने के लिए बिना बच्चों के शिक्षकों के लिए स्कूल खोलने का आदेश कर दिया है वही इस आदेश से शिक्षकों की खास तौर पर शिक्षकों की समस्याएं बढ़ गयी है क्योंकि अधिकतर शिक्षक नोएडा में दिल्ली से आते है और इस वक़्त कोरोना को लेकर दिल्ली में हालात बहुत गम्भीर बने हुए है इसी के चलते शिक्षकों में भी कोरोना से संक्रमित होने का डर अब साफ दिखाई देने लगा। बहुत से अध्यापकों सार्वजनिक परिवहन न चलने से परेशान है कि बिना परिवहन के वो स्कूल कैसे जाएंगे। वही सरकार ने बच्चों के लिए स्कूल नही खोले है तो ऐसे में भी अध्यापकों का भी परिवार है अगर वो स्कूल जाएंगे।

तो उन्हें ये चिंता सता रही है कि वे अपने बच्चों को घर पर किसके भरोसे छोड़ कर आएंगे चूंकि पहले डे केअर में अध्यापक बच्चों को छोड़ कर आ जाते थे लेकिन कोरोना काल मे डे केअर भी बंद है, ऐसे में शिक्षकों को समझ नही आ रहा कि करे तो क्या करे। इन सब समस्याओं को देखते हुए राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ भी सक्रिय हो गया है और दादरी ब्लॉक अध्यक्ष जितेन्द्र नागर ने बताया है कि महासंघ ने शिक्षकों की समस्याओं के सम्बंध में जिलाधिकारी को मांगपत्र दिया है।