नौकरियों में ईडब्ल्यूएस अभ्यर्थियों को आयुसीमा में छूट दी जाए, मुद्दे ने पकड़ा तूल


प्रयागराज :- विधानसभा चुनाव करीब आते ही आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग यानी ईडब्ल्यूएस वर्ग के अभ्यर्थियों को भर्ती परीक्षाओं में आयु सीमा और परीक्षा शुल्क में छूट दिए जाने मांग तेज हो गई है। एक तरफ अभ्यर्थियों ने विधायकों, सांसदों और मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर इंडब्ल्यूएस अभ्यर्थियों को आयु सीमा में कम से कम पांच वर्ष की छूट दिए जाने की मांग की है तो दूसरी ओर तमाम विधायकों और सांसदों ने सरकार को पत्र भेजकर अभ्यर्थियों की यह मांग पूरी करने की सिफारिश की है। पिछले दिनों गोरखपुर में हुए ब्राह्मण सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री की उपस्थिति में मंच से भी यह मांग उठी।



प्रतियोगियों का कहना है कि भर्तियों में 10 फीसदी ईडब्ल्यूएस आरक्षण का लाभ वाले अभ्यर्थियों को एससी, एसटी एवं ओबीसी अभ्यर्थियों के समान परीक्षा में शामिल होने के लिए अधिकतम आयु सीमा में पांच वर्ष की छूट मिलनी चाहिए। प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति के मीडिया प्रभारी प्रशांत पांडेय ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में
कहा है कि वर्ष 2019 में केंद्र सरकार ने सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए दस फीसदी ईडब्ल्यूएस आरक्षण की व्यवस्था की थी। वर्ष 2019 में ही गुजरात सरकार ने ईडब्ल्यूएस अभ्यर्थियों को आयु सीमा में पांच फीसदी की छूट दी। महाराष्ट्र सरकार ने ईडब्ल्यूएस अभ्यर्थियों को पुलिस भर्ती में पांच साल की छूट दी। नवंबर 2020 में
हरियाणा सरकार ने भी पुलिस एवं अन्य भर्तियों में पांच वर्ष की छूट प्रदान की। ऐसे में उत्तर प्रदेश के ईडब्ल्यूएस श्रेणी के अभ्यर्थियों को भी आयु सीमा में पांच फीसदी की छूट मिलनी चाहिए।

प्रशांत पांडेय का कहना है कि इंडब्ल्यूएस अभ्यर्थियों को आयु सीमा में छूट देने एवं शुल्क में छूट देने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री से लगातार पत्राचार किया जा रहा है। यह आरक्षण तभी प्रासंगिक होगा जब आर्थिक आधार पर पिछड़े छात्रों को आयु सीमा और शुल्क में छूट प्रदान की जाए। उधर, प्रतियोगियों की मांग पर भाजपा विधायक डॉ. विमलेश पासवान, विधायक हैदरगढ़ बैजनाथ रावत, भाजपा विधायक शीतल पांडेय, विधायक अमन मणि त्रिपाठी, विधायक सतीश शर्मा, विधायक प्रभात कुमार वर्मा, विधायक साहिबाबाद सुनील कुमार शर्मा, विधायक महेंद्र खड़गवंशी, विधायक सुरेंद्र मैथानी, विधायक अरुण पाठक सांसद अनुराग शर्मा, राज्य मंत्री नीलिमा कटियार ने भी मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर इंडब्ल्यूएस अभ्यर्थियों को आयु सीमा में पांच वर्ष की छूट दिए जाने की सिफारिश की है।

प्रदेश स्तर पर अभियान शुरू करने की तैयारी

ईडब्ल्यूएस अभ्यर्थियों को अधिकतम आयु सीमा में छूट प्रदान करने और शुल्क में छूट दिए जाने की मांग को लेकर प्रदेश स्तर पर अभियान शुरू करने की तैयारी चल रही है। प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति ने प्रतियोगी छात्र अतुल सक्सेना, चेतन शर्मा, अनुभव तिवारी, शिवम मिश्र, रोहित कुमार, अनुज अवस्थी, दीपू नायक, शुसम दुबे, रजनीश कुमार, लवी त्यागी एवं अन्य प्रतियोगियों को अभियान को तेजी से आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी दी है।