बच्चों के एमडीएम का धन डकार गए गुरुजी, निलंबित


सिद्धार्थनगर : कोविड लाकडाउन व ग्रीष्मावकाश के समय का एमडीएम का धन बच्चों के खाता में भेजने के बजाय स्वयं डकार लेने के आरोप में बेसिक शिक्षा अधिकारी देवेंद्र कुमार पांडेय ने शुक्रवार को एक शिक्षक को निलंबित कर जांच का निर्देश दिया है। निलंबित शिक्षक का नाम मनोज कुमार त्रिपाठी है। वह विकास खंड जोगिया के कंपोजिट विद्यालय पकड़ी लाला में प्रधानाध्यापक पद पर कार्यरत हैं। एक शिकायत पर खंड शिक्षा अधिकारी जोगिया विजय आनंद ने जांच कर विस्तृत आख्या बीएसए को 24 दिसंबर को उपलब्ध कराया था। इस आधार पर बीएसए ने निलंबन की कार्रवाई की है। निलंबित शिक्षक को बीआसी खेसरहा से संबंध किया गया है। मामले की जांच बीइओ बर्डपुर को सौंपी गई है। बीएसए ने बताया कि शिक्षक को निलंबित कर दिया गया है। मामले की जांच कराई जा रही है।




शिक्षक पर यह है आरोप : निलंबित प्रधानाध्यापक के ऊपर आरोप है कि वह मूल विद्यालय के साथ प्रभार वाले प्राथमिक विद्यालय तनजवा के बच्चों के लिए कोविड लाकडाउन व ग्रीष्मावकाश के समय में आए एमडीएम धनराशि बच्चों के खाता में न भेजकर स्वयं आहरित कर लिया। प्राथमिक विद्यालय उदयपुर के अतिरिक्त कक्ष की धनराशि फरवरी 2019 से आहरित कर लिया। इसके बावजूद कार्य पूरा नहीं कराया। दो विद्यालयों के कंपोजिट ग्रांट की धनराशि का गबन भी कर लिया। लाकडाउन व ग्रीष्मावकाश के समय में जब विद्यालय बंद थे, तो शासन। ने एमडीएम मद में प्राथमिक कक्षाओं में पढ़ने वाले प्रत्येक बच्चे के अभिभावक के खाता में 1938.50 रुपये व जूनियर स्तर में 2750 रुपये स्थानांतरित करने का निर्देश जारी किया था। करीब सात लाख की धनराशि जनपद स्तर से विद्यालय के एमडीएम खाता में भेजा गया था। उस धन को उन्होंने लाभार्थी के खाते में न भेजकर स्वयं निकाल लिया।