अनुदेशकों की मनमानी पर लगेगी रोक, सप्ताह में इतने क्लास पढ़ाना होगा अनिवार्य


प्रतापगढ़। जिले के मिडिल स्कूलों में तैनात अनुदेशकों की मनमानी पर रोक लगाने के लिए बीएसए ने हर सप्ताह 24 कलांश पढ़ाना अनिवार्य कर दिया है। संविलियन स्कूलों में हेडमास्टर प्राइमरी के बच्चों को पढ़ाने के लिए अब दबाव नहीं बना पाएंगे। बीएसए ने अनुदेशकों से सैद्धांतिक और प्रयोगात्मक कक्षाएं नियमित रूप से लेने के लिए कहा है।





बेसिक शिक्षा विभाग के मिडिल स्कूलों में कक्षा छह से आठ तक के बच्चों को कला शिक्षा, स्वास्थ्य एवं शारीरिक शिक्षा कार्य शिक्षा की जानकारी देने के लिए मानदेय पर अंशकालिक अनुदेशकों की तैनाती की गई थी। जिले के अधिकांश संविलियन स्कूलों में अनुदेशकों से प्राइमरी स्कूलों के बच्चों को पढ़वाया जाता है। अधिकांश अनुदेशक स्कूलों से गायब रहते हैं। विभाग ने ऐसे लापरवाह अनुदेशकों पर शिकंजा कसते हुए प्रति सप्ताह 24 कलांश पढ़ाई करना अनिवार्य कर दिया है। साथ ही सैद्धांतिक और प्रयोगात्मक कक्षाएं लेकर बच्चों को शारीरिक रूप से मजबूत बनाने और कौशल विकसित करने को कहा है। बीएसए भूपेंद्र सिंह ने बताया कि निरीक्षण में इस तरह की शिकायतें मिलने के बाद इसे स्पष्ट करना आवश्यक हो गया था।