शिक्षकों की लापरवाही की खुमारी बच्चों पर भारी


बागपत। सर्दी की छुट्टी के बाद सोमवार को प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय खुल गए। 20 दिन के अवकाश के बाद भी शिक्षकों की छुट्टी की खुमारी नहीं उतरी। उस खुमारी के कारण ही विद्यालयों में सोमवार को शिक्षक-शिक्षिकाएं देरी से पहुंचे। शिक्षकों के समय से स्कूल न पहुंचने से छात्र स्कूल के बाहर ठंड में खड़े होकर इंतजार करते रहे। वहीं कई स्कूलों में पहले ही पहुंचे शिक्षकों ने खुद झाडू लगाई तो कुछ स्कूलों में छात्रों की संख्या काफी कम रही।


कहीं ताला लटका रहा तो किसी जगह साढ़े नौ बजे तक पहुंचे शिक्षक
जिले के 60 प्रतिशत स्कूलों में शिक्षक व शिक्षिकाएं देरी से पहुंचे। ललियाना गांव के प्राथमिक विद्यालय पर सुबह सवा नौ बजे भी ताला लटका रहा। स्कूल में न कोई शिक्षक पहुंचा और न ही स्कूल में छात्र पहुंचे। बड़ौत के प्राथमिक विद्यालय प्राचीन में सुबह सवा नौ बजे तक एक भी शिक्षक नहीं पहुंचा। वहां छात्र पहुंचकर शिक्षकों का इंतजार करते रहे। सिसाना के प्राथमिक विद्यालय में 13 शिक्षक व शिक्षिकाओं का स्टॉफ है। सोमवार को स्कूल में चार शिक्षक ही समय पर पहुंचे। विद्यालय में तैनात शिक्षामित्र कुशलता चौहान ने बच्चों की प्रार्थना कराई। उच्च प्राथमिक विद्यालय फतेहपुर में पांच शिक्षक तैनात है। सोमवार को सुबह सवा नौ बजे तक केवल एक शिक्षिका स्कूल पहुंची। इस तरह ही अन्य काफी स्कूलों का हाल रहा।


कई जगह शिक्षकों ने लगाई झाडू्, छात्र भी कम पहुंचे
बागपत के उच्च प्राथमिक विद्यालय नंबर दो, बाखरपुर बालैनी, अमीपुर बालैनी के विद्यालयों में शिक्षक पहले ही पहुंच गए। शिक्षकों ने खुद झाडू लगाई। वहीं कुछ स्कूलों में सोमवार को छात्र-छात्राओं की उपस्थिति कम रही। बड़ौत के प्राथमिक विद्यालय लक्ष्मीबाई में शिक्षक छात्रों का इंतजार करते रहे। खेकड़ा के प्राथमिक विद्यालय नंबर एक में भी सोमवार को 160 में से 34 छात्र ही स्कूल पहुंचे। प्राथमिक विद्यालय दाहा में 150 में से सिर्फ दस बच्चे ही स्कूल पहुंचे। अग्रवाल मंडी टटीरी के प्राथमिक विद्यालय में सोमवार को 69 में से आठ बच्चे ही स्कूल पहुंचे।
शिक्षक-शिक्षिकाओं को समय पर स्कूल पहुंचना चाहिए था। स्कूलों का निरीक्षण शुरू कराया जाएगा और जिन जगहों पर शिक्षक देरी से पहुंचते हैं, वहां कार्रवाई कराई जाएगी। इसके लिए बीएसए को निर्देशित किया है। - राजकमल यादव, जिलाधिकारी