सबसे आगे हिन्दुस्तानी: आबादी के मामले में चीन को पीछे छोड़ा, यूएनएफपीए ने जारी की रिपोर्ट


भारत दुनिया का सर्वाधिक आबादी वाला देश बन गया है। संयुक्त राष्ट्र की संस्था यूनाइटेड नेशन पॉपुलेशन फंड (यूएनएफपीए) की स्टेट ऑफ वर्ल्ड पॉपुलेशन रिपोर्ट 2023 में ये खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2022 में भारत की जनसंख्या में डेढ़ फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।


अनुमान के मुताबिक चीन की 142.5 करोड़ की तुलना में भारत की आबादी बढ़कर 142.8 करोड़ हो गई है। चीन की तुलना में भारत की आबादी करीब 30 लाख अधिक है। रिपोर्ट में फरवरी 2023 तक के आंकड़ों को शामिल किया गया है।

25 फीसदी आबादी की उम्र 14 साल तक रिपोर्ट के मुताबिक देश के 25 फीसदी आबादी की उम्र 14 साल तक हैं। वहीं 10 से 19 साल के लोगों की भागीदारी 18 फीसदी, जबकि 10 से 24 वर्ष के लोगों की संख्या 26 फीसदी है। 15 से 64 साल के बीच लोगों की जनसंख्या में भागीदारी कुल 68 फीसदी है। चीन की तुलना में भारत में युवाओं की आबादी ज्यादा है। चीन में करीब 20 करोड़ लोग ऐसे हैं जिनकी उम्र 65 साल से अधिक है।

पिछड़ने पर चीन बिफरा दुनिया की सबसे अधिक आबादी वाले देशों की सूची में पिछड़ने के बाद चीन बिफर गया है। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबिन ने कहा कि जनसंख्या के साथ हुनर भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि चीन में कामगारों की संख्या 90 करोड़ से अधिक है। चीन का दावा है कि वे अपने अच्छे कामगारों की बदौलत दुनिया की एक बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में आगे बढ़ता रहेगा। बता दें कि पिछले साल चीन की जनसंख्या में छह दशक में पहली बार गिरावट देखी गई थी।

महिलाओं की जीवन प्रत्याशा अधिक भारत में प्रजनन दर 2.0 फीसदी है। वहीं पुरुषों की तुलना में महिलाओं की जीवन प्रत्याशा दर ज्यादा पाई गई है। रिपोर्ट के अनुसार देश में पुरुषों की जीवन प्रत्याशा 71 वर्ष जबकि महिलाओं की 74 वर्ष है। यूएनएफपीए की प्रतिनिधि एंड्रिया वोजनार का कहना है कि भारत की 140 करोड़ की जनसंख्या 140 करोड़ मौकों के बराबर है। उन्होंने कहा कि भारत शिक्षा, स्वास्थ्य और अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में मजबूत होगा।