स्कूलों में कमियां पाए जाने पर शिक्षकों का वेतन रोका

गाजीपुर 
बेसिक शिक्षा अधिकारी हेमंत राव ने शिक्षा क्षेत्र भांवरकोल के प्राथमिक विद्यालय जलालपुर, कंपोजिट विद्यालय मुड़ेरा, प्राथमिक विद्यालय श्रीपुर, प्राथमिक विद्यालय खरडीहा प्रथम एवं द्वितीय, प्राथमिक विद्यालय खैराबारी प्रथम का मंगलवार को स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान कमियां पाए जाने पर दो विद्यालयों के शिक्षकों का वेतन रोक दिया।




बीएसए ने बताया कि प्राथमिक विद्यालय जलालपुर के निरीक्षण के दौरान एआरपी द्वारा अवगत कराया गया कि विद्यालय के सहायक अध्यापक बिना किसी सूचना के लंबे समय से अनुपस्थित हैं। यहां पर कुल नामांकित 58 के सापेक्ष 28 छात्रों की उपस्थिति पाई गई।




विद्यालय में परिवार सर्वेक्षण, यू-डायस पूर्ण नहीं किया गया है तथा विद्यालय परिसर में साफ-सफाई नहीं थी। शिक्षण संदर्शिका का प्रयोग कक्षा शिक्षण में नहीं पाया गया। दीक्षा एप का प्रयोग नहीं किया गया तथा छात्र संख्या न्यून पाई गई। इन अनियमित्ताओं के कारण विद्यालय में कार्यरत प्रधानाध्यापक सहित सभी शिक्षकों का वेतन अग्रिम आदेश तक रोक दिया। खंड शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिया कि इन अनियमितताओं के संबंध में संबंधित से स्पष्टीकरण प्राप्त कर अपनी आख्या एवं संस्तुति के साथ उपलब्ध कराएं। उन्होंने बताया कि कंपोजिट विद्यालय मुड़ेरा में निरीक्षण के दौरान एक सहायक अध्यापक एक एवं दो मई एवं सहायक अध्यापिका निरीक्षण तिथि को अनुपस्थित पाई गई। निरीक्षण तिथि को विद्यालय में नामांकित 95 के सापेक्ष 23 छात्रों की उपस्थिति पाई गई। विद्यालय की कोई भी पंजिका प्रमाणित नहीं थी। बिजली का कनेक्शन भी नहीं लिया गया है, जबकि विद्यालय के करीब ही विद्युत खंभा है। विद्यालय में निपुण तालिका एवं शिक्षण संदर्शिका का प्रयोग कक्षा शिक्षण में नहीं किया जा रहा है। छात्रों को पुस्तकों का वितरण नहीं किया गया है। बताया कि इन अनियमितताओं के कारण प्रधानाध्यापक सहित विद्यालय के सभी शिक्षक एवं कर्मचारियों का वेतन अग्रिम आदेश तक रोक दिया। प्राथमिक विद्यालय श्रीपुर, प्राथमिक विद्यालय खरडीहा प्रथम एवं द्वितीय, प्राथमिक विद्यालय खैराबारी की स्थिति संतोषजनक पाई गई। उन्होंने बताया कि निरीक्षण के दौरान सभी विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों सहित स्टाफ को निर्देशित किया गया कि नियमित रूप से समय से विद्यालयों में उपस्थित होकर अपने-अपने दायित्वों का निर्वहन करें। इसमें किसी प्रकार की शिथिलता कतई न की जाए