यूपी के शिक्षा विभाग का हाल- अध्यापकों से अपेक्षाएं बड़ी-बड़ी, सुविधाएं दूर की कौड़ी


लखनऊ: प्रदेश के विद्यालयों के शिक्षकों से विभाग की अपेक्षाएं तो काफी बड़ी-बड़ी हैं, लेकिन उनको दी जाने वाली सुविधाओं की ओर ध्यान नहीं है। शिक्षक लंबे समय से अंतर जनपदीय तबादले का इंतजार कर रहे हैं। वर्षों से पदोन्नति नहीं की गई है। हाल में पदोन्नति प्रक्रिया शुरू की गई है, जो पूरा होने का नाम नहीं ले रही है। शिक्षकों को अतिरिक्त काम के एवज में दिया जाने वाला प्रतिकर अवकाश व पूर्व से दी जाने वाली स्टडी लीव समाप्त कर दी गई।


लगभग चार महीने चली प्रक्रिया के बाद अब अंतिम वरिष्ठता सूची तय करने की तिथि 11 मई तय की गई। किंतु देर रात तक दो दर्जन जिलों में ही सूची अपलोड की जा सकी। इसमें भी जन्मतिथि और गुणांक को आधार बनाया गया है। वरिष्ठता तय न होने के कारण दो बार जिले के अंदर तबादले की प्रक्रिया शुरू करने की तिथि टाली गई है।

प्राइमरी में जूनियर स्कूलों में पदोन्नति न होने का खामियाजा केवल शिक्षक ही नहीं भुगत रहे हैं, इसका असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ रहा है। बड़ी संख्या में विद्यालयों में गणित व विज्ञान के शिक्षक नहीं हैं। इसी तरह शिक्षकों से कई एप से काफी काम करवाए व डाटा अपलोड किया जा रहा है। लेकिन टैबलेट खरीद की प्रक्रिया 2019 से चल रही है। हाल में शिक्षक सर्वाधिक परेशान हैं तो वह परिवार गणना को लेकर हैं। इसमें इतना भारी-भरकम डाटा फीड करना है कि तकनीकी जानकार भी परेशान हो जाए। इन सबका असर कहीं न कहीं बच्चों की पढ़ाई पर पड़ रहा है।

पहले की सुविधाओं पर भी चली कैंची
एक तरफ तो शिक्षकों को पदोन्नति, जिले के अंदर तबादले जैसी सुविधाएं नहीं दी जा रही हैं। वहीं पहले से दी जा रही सुविधाओं पर भी कैंची चली है। प्रदेश में हर संवर्ग में अधिकारियों को पढ़ाई के लिए छुट्टी का प्रावधान है, लेकिन पठन-पाठन से जुड़े शिक्षकों के लिए यह सुविधा हाल ही में समाप्त कर दी गई। इसी तरह उनका प्रतिपूर्ति अवकाश भी समाप्त किया गया। शिक्षक काफी दिनों से चिकित्सा सुविधा देने की भी मांग कर रहे हैं। अभी इस पर भी ठोस निर्णय नहीं हुआ है।

वरिष्ठता संबंधित स्पष्ट प्रोफार्मा व निर्देश जारी किया गया था। उनकी नियुक्ति की मौलिक तिथि व इसमें एकरूपता होने पर गुणांक को आधार बनाना है। जल्द ही इसे फाइनल कर दिया जाएगा। इसके बाद जिले के अंदर तबादला प्रक्रिया शुरू होगी।

प्रताप सिंह बघेल, सचिव, बेसिक शिक्षा परिषद

सालों से वरिष्ठता व जिले के अंदर तबादला के लिए शिक्षक इंतजार कर रहे हैं। विभाग जान-बूझकर इस प्रक्रिया को लंबित रखना चाह रहा है। पिछला सत्र भी इसी में बीत गया। मेडिकल व सीयूजी मोबाइल की सुविधा देने के लिए काफी दिनों से मांग चल रही है।
-अनिल यादव, प्रदेश अध्यक्ष, यूपी बीटीसी शिक्षक संघ

शिक्षक बताते हैं कि लगभग दस साल पहले विभाग ने पदोन्नति की कार्यवाही की थी। उसके बाद हजारों की संख्या में शिक्षक सेवानिवृत्त हो गए, पदोन्नति नहीं पा सके। पिछले वर्ष यह कार्यवाही शुरू की गई तो पूरी होने का नाम नहीं ले रही है। विभाग की ओर से दिसंबर के अंत में शिक्षकों की वरिष्ठता तय करने की कार्यवाही शुरू की गई। एक के बाद एक कई बार इसकी आखिरी तिथि बढ़ाई गई लेकिन आखिरी समय तक विभागीय अधिकारी ही इसका आधार नहीं तय कर सके।