एक एसआरजी, छह एआरपी और आठ शिक्षकों का वेतन रोका


गौरीगंज (अमेठी)। स्कूल रेडीनेस कार्यक्रम के साथ निपुण भारत अभियान को सफल बनाने में लापरवाही बरतना एसआरजी, छह एआरपी व दो प्रधानाध्यापक समेत आठ शिक्षकों को भारी पड़ा। अलग-अलग स्कूलों के निरीक्षण में मिली कमियां व बच्चों के खराब शैक्षिक स्तर से नाराज बीएसए ने सभी का मई माह का वेतन बाधित कर दिया। वेतन बाधित करने के साथ सभी को सुधार करने व जवाब देने को कहा गया है।


परिषदीय स्कूलों में शैक्षिक व्यवस्था बेहतर बनाने के साथ कक्षा एक से तीन तक के बच्चों को हिंदी व गणित में दक्ष बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत बच्चों को स्कूली माहौल में ढालने के लिए रेडीनेस कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त सभी ब्लॉकों में तैनात स्टेट रिसोर्स पर्सन (एसआरजी) व एकेडिमक रिसोर्स पर्सन (एआरपी) को स्कूलों में 12 सप्ताह तक रेडीनेस कार्यक्रम संचालित करने के साथ स्कूल को निपुण बनाने के लिए शिक्षण कार्यक्रम में सहयोग करने की जिम्मेदारी दी गई है।

मुसाफिरखाना ब्लॉक के प्राथमिक स्कूल पूरे उमामिश्र, भागूपुर व गुन्नौर का बीएसए संगीता सिंह ने 19 मई को औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान ग्रीष्मकालीन अवकाश से पहले पांच सप्ताह तक संचालित होने वाले रेडीनेस कार्यक्रम के संचालित नहीं होने तथा एक भी स्कूल में निपुण भारत योजना के अभिलेखीकरण का काम पूरा न होने का मामला सामने आया। बीएसए ने लापरवाही बरतने के आरोप में एसआरजी अमिता मिश्रा के साथ एआरपी राम नरेश, राम सुंदर, गयादीन, राजकुमार यादव व अर्चना मौर्या का 19 मई का वेतन बाधित कर दिया।

अमेठी ब्लॉक के प्राथमिक स्कूल रामनगर प्रथम व द्वितीय का बीएसए ने 20 मई को निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान प्राथमिक स्कूल रामनगर प्रथम में पंजीकृत 125 के सापेक्ष सिर्फ 62 बच्चे स्कूल में मौजूद मिले। रामनगर द्वितीय में 71 बच्चों में 33 मौजूद मिले। निपुण भारत मिशन में लापरवाही समेत कई कमियां मिलीं।

बीएसए ने रामनगर प्रथम में कार्यर प्रधानाध्यापक प्रतिभा सिंह, शिक्षा गोमती देवी व राम अभिलाष रामनगर द्वितीय में कार्यरत प्रधानाध्यापिका दीपा पांडेय, सहायक अध्यापक स्वामी तथा शिक्षामित्र सुमन व किस्मता तथा अमेठी ब्लॉक के एआरपी गौरेश बहादुर सिंह का वेतन रोक दिया। साथ ही एक सप्ताह में जवाब देने का आदेश दिया है।