बदलाव: दान राशि पर कर छूट पाने के लिए प्रमाणपत्र देना होगा, टीडीएस जैसा साक्ष्य आयकर विभाग के ई-फाइलिंग पोर्टल से डाउनलोड करना पड़ेगा


नई दिल्ली। यदि आप किसी धर्मार्थ संस्था या धार्मिक संस्थान और गैर सरकारी संगठनों को दान करते हैं तो आयकर अधिनियम 80 के तहत कर छूट का लाभ ले सकते हैं। इसके लिए आपको आयकर रिटर्न दाखिल करते समय संबंधित संस्थान से जारी हुए दान प्राप्ति का प्रमाणपत्र अपलोड करना होगा। इसके बगैर कर छूट नहीं मिलेगी।



यह भी ध्यान देने वाली बात है कि संस्थाओं की श्रेणियों के अनुसार 50 से 100 फीसदी कर छूट प्राप्त की जा सकती है।

पुरानी कर व्यवस्था में ही लाभ : दान की राशि पर कर छूट का दावा सिर्फ पुरानी कर व्यवस्था के तहत की किया जा सकता है। इसलिए आयकरदाताओं को वित्त वर्ष की शुरुआत में ही इस व्यवस्था का विकल्प चुनना होगा।

गौरतलब है कि हाल में करीब 8000 लोगों को आयकर विभाग ने नोटिस दिया था क्योंकि उनके दान और आय में मेल नहीं था।


आयकर विभाग को ये ब्योरा देना होगा

फॉर्म 10बीई को इलेक्ट्रॉनिक सत्यापन कोड या डिजिटल हस्ताक्षर के माध्यम से इलेक्ट्रॉनिक रूप से दाखिल किया जा सकता है। फॉर्म में दान कर्ता का नाम, पता, पैन नंबर और आधार संख्या का होना अनिवार्य है। साथ ही संबंधित संस्था का रजिस्ट्रेशन नंबर और स्टांप होना भी जरूरी है। फॉर्म को उस वित्तीय वर्ष के 31 मई को या उससे पहले दाखिल किया जाना चाहिए. जिस वर्ष में दान दिया हो।


छूट का दावा करने के लिए श्रेणियों में विभाजित

आयकर विभाग ने 100 या 50 फीसदी कर छूट का दावा करने के लिए ट्रस्ट, संस्थानों को श्रेणियों में विभाजित किया है। किसी धार्मिक संस्था या चैरिटेबल संस्था को दान करने पर 50 फीसदी की कर छूट प्राप्त की जा सकती है। वहीं, सामाजिक कार्यों या समाज कल्याण से जुड़ी सरकार द्वारा अधिसूचित सरकारी संस्था या धर्मार्थ संस्थान के लिए यह सीमा 100 फीसदी है।


जानकारी देनी पड़ेगी

आयकर नियमों के अनुसार, किसी भी धर्मार्थ या धार्मिक संस्था अथवा एनजीओ को पूरे वित्त वर्ष के दौरान प्राप्त दान की जानकारी आयकर विभाग को देनी होती है। साथ ही दान देने वाले व्यक्ति को फॉर्म 10 बीई प्रमाणपत्र जारी करना होता है। इससे विभाग सुनिश्चित करता है कि संस्था द्वारा प्राप्त दान और आयकर दाता द्वारा किया गया दावा टैक्स छूट से मेल खाते है या नहीं। इसलिए आईटीआर दाखिल करते समय कर छूट का सबूत जरूरी है।

नकद दान करने पर कटौती का लाभ नहीं

करदाता नकद, चेक या ऑनलाइन तरीके से दान की गई रकम के लिए कर छूट का दावा कर सकते हैं। हालांकि दो हजार रुपये से अधिक नकद दान पर छूट का दावा नहीं किया जा सकता है। सिर्फ चेक या आनलाइन भुगतान के लिए आयकर • विभाग छूट की अनुमति देता है।