डिजिटल पोर्टल से तेज होगी भर्ती, भर्ती संस्थाओं को ई-अधियाचन के माध्यम से भेजा जाएगा रिक्त पदों का विवरण


प्रयागराज: उच्च शिक्षा निदेशालय, राजकीय महाविद्यालयों, राजकीय पब्लिक लाइब्रेरी एवं क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी कार्यालय में कर्मचारियों एवं अधिकारियों की भर्ती प्रक्रिया तेजी से पूरी होगी।


इसके लिए डिजिटल पोर्टल तैयार किया जा रहा है, जिसके माध्यम से ई-अधियाचन भेजा जाएगा। व्यवस्था को प्रभावी तरीके से लागू कराने के लिए उच्च शिक्षा होता है। निदेशालय ने नोडल अधिकारियों को नामित कर दिया है।

उच्च शिक्षा निदेशालय, राजकीय महाविद्यालयों, राजकीय पब्लिक लाइब्रेरी और क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी कार्यालय में कर्मचारियों और अधिकारियों को भर्ती उत्तर
प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग और उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के माध्यम से होती है। अब तक इन दोनों भर्ती संस्थाओं को ऑफलाइन माध्यम से रिक्त पदों के अधियाचन भेजे जाते हैं। इसमें काफी वक्त लगता है और भर्ती में भी बिलंब

अब रिक्त पदों का अधियाचन डिजिटल पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा, जिसे ई-अधियाचन का नाम दिया गया है।

ई-अधियाचन अपलोड होते ही भर्ती संस्थाओं के पास पहुंच जाएगा और संस्थाएं इसी आधार पर भर्ती प्रक्रिया शुरू कर सकेंगी। इससे भर्ती में पारदर्शिता भी बड़ेगी। रिक्त पदों का अधियाचन ऑनलाइन अपलोड होने से पदों से संबंधित कोई भी इसमें किसी तरह का फेरबदल होने की आशंका रहेगी। इस व्यवस्था के संचालन के लिए नोडल अधिकारी लगाया गया है। भी नामित कर दिए गए हैं।

उच्च शिक्षा निदेशालय में कर्मचारियों एवं अधिकारियों के रिक्त पदों का ई-अधियाचन भेजने के लिए उच्च शिक्षा निदेशालय के सहायक निदेशक डॉ. बीएल शर्मा को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।

साथ ही तकनीकी सहायक उच्च शिक्षा राघवेंद्र सिंह को उनके साथ लगाया गया है। वहीं, राजकीय महाविद्यालयों, राजकीय पब्लिक लाइब्रेरी, क्षेत्रीय कार्यालय में समूह क, ख एवं ग के रिक्त पदों का ई- अधियाचन भेजने के लिए उच्च शिक्षा के सहायक निदेशक डॉ. नामित किया गया है। वरिष्ठ सहायक मुकुल मिश्र को उनके साथ

उच्च शिक्षा निदेशालय की ओर से अपर मुख्य सचिव कार्मिक अनुभाग-4 को पत्र लिखकर अनुरोध किया गया है कि अग्रिम कार्यवाही के लिए यूजर आईडी एवं पासवर्ड क्रियाशील कर नामित नोडल अधिकारियों को उपलब्ध करा दिए जाएं और संबंधित व्हाट्सएप ग्रुप पर उनके मोबाइल नवरों को शामिल करते हुए नोडल अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए जाएं.