नए आयोग का पता नहीं, इस बार यूपी टीईटी (UPTET) के आसार कम

प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों में सहायक अध्यापक भर्ती के लिए अनिवार्य उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपी-टीईटी) इस साल भी होने के आसार नहीं है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यूपी-टीईटी कराने की जिम्मेदारी परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय से लेकर प्रस्तावित उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग को सौंपी है।टीईटी कराने में न्यूनतम चार से पांच महीने का समय लगता है।


जबकि नया आयोग अब तक अस्तित्व में नहीं आ सका है। पहले आयोग की अधिसूचना जारी होगी, उसके बाद अध्यक्ष और सदस्यों के लिए आवेदन लेकर उनकी नियुक्ति की जाएगी। इसमें कम से दो से तीन महीने का समय लग जाएगा। ऐसे में यदि आज की तारीख में भी नये आयोग की अधिसूचना जारी हो जाती है तो इस वर्ष यूपीटीईटी कराना नामुमकिन होगा। पिछले साल भी परीक्षा नहीं हो सकी थी।


उससे पहले नवंबर 2021 के अंत में पेपर लीक होने के कारण 21 जनवरी 2022 को परीक्षा करानी पड़ी थी। चूंकि 2018 के बाद से कोई शिक्षक भर्ती नहीं आई है इसलिए यूपीटीईटी को लेकर भी न तो प्रशिक्षित बेरोजगारों की तरफ से कोई दबाव है और न ही शासन कोई रुचि ले रहा है। यह अलग बात है कि राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) की गाइडलाइन के अनुसार हर साल कम से कम एक बार टीईटी होना चाहिए।