पुरानी पेंशन की बहाली के लिए भरी हुंकार, रामलीला मैदान में बड़ी संख्या में केंद्र व राज्य सरकार के कर्मचारियों ने लिया हिस्सा


नई दिल्ली। पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर रेलवे यूनियन समेत अन्य कर्मचारी यूनियन ने मोर्चा खोल दिया है। इस मांग को लेकर रामलीला मैदान में महारैली की। इसमें दर्जनों संगठनों के कार्यकर्ताओं ने धमक दिखाई।


मंच से रेलवे कर्मचारी यूनियन ने मांग पूरी न होने पर केंद्र सरकार को रेल परिचालन ठप करने की चेतावनी दी। यह भी ऐलान किया कि सरकार अगर मांग नहीं मानती है तो भारत बंद के साथ ही अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी। ज्वाइंट फोरम फॉर स्टोरेशन, ओल्ड पेंशन स्कीम और नेशनल ज्वाइंट काउंसिल ऑफ एक्शन ( एनजेसीए) के संयोजक शिव गोपाल मिश्रा व सह संयोजक डा. एम राघवैया ने महारैली का नेतृत्व किया। रामलीला मैदान पूरी तरह से खचाखच भरा हुआ था। भीड़ बाहर सड़क तक दिखीं।

इस बात की चेतावनी केंद्र सरकार को आंदोलनकारियों ने दो कि अगर पुरानी पेंशन को बहाल नहीं हुई तो रेल का चक्का जाम कर करने को मजूबर होंगे और इसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी। इस मौके पर शिवगोपाल मिश्रा ने कहा कि पेंशन हमारा अधिकार है और इसे हम लेकर रहेंगे अपनी मांग को मनवाने के लिए अगर जरूरत
पड़ी तो हड़ताल करेंगे। जो लंबे समय तक चलेगी। एनएफआईआर के महामंत्री डा. एम रघुवैया ने कहा कि पेंशन कोई खैरात नहीं है, बल्कि यह कर्मचारियों का अधिकार है। इसे हम ले कर रहेंगे। सरकार को मांगे माननी होगी.कर्मचारियों का वोट उसी पार्टी को जाएगा, जो पुरानी पेंशन लागू करेंगा। उत्तरीय रेलवे मजदूर यूनियन के महासचिव बीसी शर्मा ने कहा कि सरकार ने कर्मचारियों की मांग जल्द से जल्द मांगे नहीं तो सड़क पर उतरने को कर्मचारी मजबूर होंगे। वक्ताओं ने कहा कि दो सौ साल तक राज करने वाले अंग्रेजों को जब हम अपने देश से भगा सकते हैं तो हम अपने पेंशन के अधिकार के लिए ऐसी सरकारों से भी लड़ सकते हैं, जो हमारे पेट पर लात मारने का काम कर रही है।