शिक्षकों के हजारों नए पद खाली: पुराने विज्ञापनों में शामिल किए जाएं नए पद, नए आयोग के गठन से पहले प्रतियोगियों ने उठाया मुद्दा


प्रयागराज। नए शिक्षा सेवा आयोग के गठन के इंतजार में साल भर से भर्तियां ठप पड़ी हैं और इस दौरान हुई सेवानिवृत्ति के बाद शिक्षकों के हजारों नए पद खाली हुए हैं। प्रतियोगी छात्र चाहते हैं कि पुराने विज्ञापनों में नए पदों को शामिल किया जाए, ताकि पूर्व में भर्तियों के लिए आवेदन कर चुके अभ्यर्थियों के लिए चयन के अवसर बढ़ें।


अशासकीय माध्यमिक विद्यालयों

में सहायक अध्यापक (टीजीटी) एवं प्रवक्ता (पीजीटी) के 4163 पदों पर भर्ती के लिए अगस्त 2022 में आवेदन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। नए शिक्षा सेवा चयन आयोग के

गठन के इंतजार में साल भर से भर्ती अटकी हुई है। इस बीच हैं। अशासकीय माध्यमिक विद्यालयों में बड़ी संख्या में पद खाली हुए ऐसे में कई गुना पद खाली है। अभ्यर्थियों का कहना है कि भर्ती साल भर से अटकी हुई है। ऐसे में नए पदों को भी पुराने विज्ञापनों में

शामिल किया जाना चाहिए।

वहीं, अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में विज्ञापन संख्या 51 के तहत असिस्टेंट प्रोफेसर के 1017 पदों पर भर्ती के लिए साल भर पहले आवेदन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। यह भर्ती भी नए आयोग के गठन के इंतजार में फंसी हुई है इस साल जून में महाविद्यालयों में शिक्षकों के रिटायर होने पर सैकड़ों पद खाली हुए हैं। अभ्यर्थी मांग कर रहे हैं कि नए पदों को पुराने विज्ञापन में शामिल किया जाए.


प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति के मीडिया प्रभारी प्रशांत पांडेय का कहना है कि साल भर से भर्तियां ठप पड़ी हुईं हैं। ऐसे में नए रिक्त पदों को भी पुराने विज्ञापनों में शामिल किया जाना चाहिए या आयोग का गठन होते ही जब पुराने विज्ञापनों की भर्ती प्रक्रिया शुरू हो, उसी के साथ नए पदों के विज्ञापन भी जारी कर दिए जाएं, ताकि अभ्यर्थियों को अगली भर्ती के लिए इंतजार न करना पड़े। नए आयोग का गठन होते ही इस मुद्दे पर आंदोलन किया जाएगा।