बचत और बैंकिंग के तौर तरीके स्कूल में ही सीखेंगे छात्र, इन विषयों पर होगी ट्रेनिंग


स्कूली बच्चों को शुरुआत से ही बचत और बैंकिंग की जानकारियां दी जाएंगी। वित्तीय साक्षरता के प्रति जागरूक करने के लिए कक्षा पांच से ही पाठ्यक्रम में फाइनेंशिएल लिटरेसी को जोड़ा जाएगा। काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन (सीआईएससीआई) के अन्तर्गत संचालित विद्यालयों में वित्तीय साक्षरता की पढ़ाई होगी।


सीआईएससीई के सभी स्कूलों में वित्तीय साक्षरता की पढ़ाई कराए जाने से जुड़ी जानकारियां और निर्देश भेजे जा चुके हैं। जिसमें कक्षा पांच से बच्चों के लिए बजत, बैंकिंग, नेट बैकिंग, बाजार, आदि से सम्बंधित पढ़ाई पाठ्यक्रम में शामिल की जाएगी। अनएडेड प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल अग्रवाल ने कहा कि एनईपी के तहत कई नए पाठ्यक्रम जुड़े हैं जिनमें वित्तीय साक्षरता भी है। हालांकि अधिकांश पाठ्यक्रम कक्षा नौ से 12 तक के छात्रों के लिए शुरू किए गए हैं लेकिन वित्तीय साक्षरता की पढ़ाई कक्षा पांच के छात्रों से शुरू की जानी है। उन्होंने कहा कि बोर्ड का ये एक अच्छा कदम हैं।

प्रधानाचार्य के लिए ऑनलाइन कान्क्लेव स्कूलों में वित्तीय साक्षरता का पाठ्यक्रम कैसा होगा, किन-किन विषयों को प्रमुखता दी जाएगी। इसके साथ ही कोर्स की अवधि व अन्य बिन्दुओं पर तैयारी के लिए बोर्ड की ओर से प्रिंसिपल कान्क्लेव का आयोजन किया जा रहा है। नार्थ और वेस्ट जोन के लिए कान्क्लेव आठ अगस्त को होगा, जिनमें तमाम बिन्दुओं पर विमर्श के साथ ही प्रधानाचार्यों को वित्तीय साक्षरता से जुड़ा प्रशिक्षण दिया जाएगा। जिससे कि इसे विद्यालय में शुरू कराने में कोई समस्या न आए। कान्क्लेव से पहले ही सभी विद्यालयों को वित्तीय साक्षरता पाठ्यक्रम संरचना का विवरण 66 पेज की पुस्तिका के रूप में भेज दिया गया है।



इन विषयों पर होगी ट्रेनिंग

● वित्तीय साक्षरता के लिए राष्ट्रीय रणनीति

● क्या है वित्तीय साक्षरता

● बच्चों के लिए वित्तीय साक्षरता का महत्व

● वित्तीय साक्षरता में विद्यालयों की भूमिका

● पाठ्यक्रम में वित्तीय साक्षरता को लागू करना