छात्र की पिटाई पर सियासी तूफान, हुआ समझौता


मुजफ्फरनगर निजी स्कूल में शिक्षिका ने एक छात्र को गिनती नहीं सुनाने पर दूसरे विद्यार्थियों से थप्पड़ लगवाए। इसका वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित कर सांप्रदायिकता की चाशनी में डूबे झूठे शब्द परोसे गए। इससे देशभर में राजनीतिक तूफान खड़ा हो गया। हल्ला मचाया गया कि हिंदू बच्चों से मुस्लिम छात्र को पिटवाया गया, जबकि सच यह है कि कक्ष में कुल 60 बच्चे पढ़ते हैं, जिसमें 40 बच्चे मुस्लिम समुदाय के हैं। छात्र को थप्पड़ मारने वाले चार में से दो बच्चे (एक छात्र- एक छात्रा) मुस्लिम हैं। मामले में पीड़ित छात्र की तहरीर पर शिक्षिका के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। वहीं शनिवार शाम को दोनों पक्षों में समझौता हो गया। डीएम के निर्देश पर बाल कल्याण समिति की टीम ने पीड़ित छात्र को काउंसिलिंग की मौके पर वीडियो बनाने वाले छात्र के चाचा नदीम ने भी कहा कि वीडियो का गलत अर्थ निकालकर प्रसारित किया गया है।



चढ़ा राजनीतिक पारा
मामले को लेकर राजनीतिक पारा भी खूब चढ़ा कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका वाडा, सपा मुखिया अखिलेश यादव, रालोद अध्यक्ष जयन्त चौधरी, एआइएमआइएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवेसी ने भी तीखी प्रतिक्रिया जाहिर की थी।

वीडियो बनाने वाला नदीम भी आया सामने वीडियो बनाने : वाले नीम का बयान भी शनिवार को सामने आया। उसने कहा कि शिक्षिका ने धर्म विशेष के बारे में कुछ नहीं कहा। बल्कि यह कहा कि मुस्लिम महिलाएं अपने मायके चली जाती हैं, बच्चे की पढ़ाई पर ध्यान नहीं देती, जिससे पढ़ाई प्रभावित होती है। नदीम ने कहा कि वीडियो का गलत अर्थ निकालकर प्रसारित किया गया है। आरोपित शिक्षिका ने कहा कि उसकी बात का गलत अर्थ निकाला गया है। एनसीपीसीआर के अध्यक्ष प्रियांक कानूनगो ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि मामले में कार्रवाई के लिए निर्देश जारी किए जा रहे हैं। अनुरोध है कि बच्चे का वीडियो शेयर न करें, ऐसी घटनाओं की जानकारी ईमेल से दें.


घटना नफरत की राजनीति का नतीजा
प्रमुख विपक्षी पार्टी कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि यह घटना भाजपा-आरएसएस की नफरत भरी राजनीति का परिणाम है। ऐसी घटनाएं हमारी वैश्विक छवि पर कालिख पोत देती हैं। खरगे ने कहा कि समाज में भाजपा की विभाजनकारी सोच का जहर इतना घुल गया है कि शिक्षा देने वाली अध्यापिका तृप्ति त्यागी बच्चों को मजहबी विदेश का पाठ पढ़ा रही है। वहीं, सुरक्षा देने वाला आरपीएफ जवान चेतन कुमार धर्म के नाम पर निर्दोषों की जान लेने पर उतारू हो जाता है।




24 अगस्त को मंसूरपुर क्षेत्र के नेहा पब्लिक स्कूल की शिक्षिका तृप्ति त्यागी ने कक्षा एक के मुस्लिम छात्र को गिनती नहीं सुनाने और होमवर्क ठीक से नहीं करने पर सहपाठी छात्रों से थप्पड़ लगवाए थे। मौके पर मौजूद पीड़ित छात्र के चाचा ने मोबाइल से इसकी वीडियो बना ली थी। वीडियो इंटरनेट मीडिया पर यह कहते हुए प्रसारित किया गया कि हिंदू छात्रों से मुस्लिम छात्र को पिटवाया जा रहा है तथ शिक्षिका द्वारा मुस्लिम वर्ग के लिए आपत्तिजनक टिप्पणी की जा रही है।