आधा दर्जन विद्यालयों में आने-जाने का रास्ता नहीं


बनकटी। कायाकल्प योजना के बाद भी क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालयों की दशा में सुधार नहीं हो रहा है। कहीं विद्यालयों में शौचालय का इंतजाम नहीं है तो कहीं अभी तक बाउंड्रीवाल तक नहीं बन पाई है। करीब आधा दर्जन विद्यालय ऐसे हैं जहां आवागमन के लिए रास्ता तक नहीं है।


क्षेत्र के बांसापार, थरौली, सिरौती, किठुरी सहित करीब आधा दर्जन विद्यालयों पर आने जाने का रास्ता

तक नहीं है। बच्चे पगडंडी या खेत के मेड़ के सहारे विद्यालय विद्यालय आते जाते हैं। बारिश के समय आवागमन बंद हो जाता है। मथौली कन्या विद्यालय, बांसापार, चिताखोर, उमरी अहरा, हिनौता में शौचालय का इंतजाम नहीं है। बीईओ अरुण कुमार यादव ने बताया कि विद्यालयों के पास खुद की या आसपास सार्वजनिक जमीन न होने के कारण रास्ते की समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। जहां विवाद है वहीं पर बाउंड्रीवाल का निर्माण नहीं हो पाया है।