कुछ अलग👉 यूपी में बुजुर्गों का अकेलापन दूर करेंगे डे केयर सेंटर


लखनऊ। परिवार में अलग थलग पड़े और घर में रहते हुए भी एकाकी जीवन का कष्ट झेल रहे बुजुर्गों के लिए राहत की खबर है। जल्द ही उन्हें डेयर केयर सेंटर के रूप में ऐसी जगह उपलब्ध होगी जहां वे दिन भर अपना दिल बहला सकेंगे। बाहर से अपने जरूरी कामकाज निपटाने शहर आने वाले बुजुर्गों को डे केयर सेण्टर में ठहरने की सुविधा रहेगी।


समाज कल्याण विभाग ने वरिष्ठ नागरिक कल्याण निधि गठित की है। इस निधि के लिए उत्तर प्रदेश सरकार पांच करोड़ रुपये का अंशदान देगी इसके अलावा निधि में व्यापारिक-औद्योगिक प्रतिष्ठानों व समाजसेवी संस्थाओं से भी सीएसआर फण्डिंग के तहत आर्थिक मदद ली जाएगी। जिसके एवज में दानकर्ता को 80 जी और 12 ए के तहत दान की गयी राशि पर आयकर की छूट भी मिलेगी। विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस निधि से बुजुर्गों के कल्याण के लिए काम करने वाली स्वयंसेवी संस्थाओं को भी मदद दी जाएगी। इसी निधि से जरूरतमंद वृद्धों की गंभीर बीमारी का उपचार करवाया जाएगा। वृद्धों के समूहों को तीर्थयात्रा करवाई जाएगी और उन्हें अन्य कई सहूलियतें भी मुहैया करवायी जाएंगी।


पिछले साल एक अक्तूबर को अन्तर्राष्ट्रीय वृद्ध दिवस पर आयोजित हुए कार्यक्रम में समाज कल्याण राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार असीम अरुण की इस संबंध में की गयी घोषणा के बाद कैबिनेट से इस निधि को पहले ही मंजूरी मिल चुकी है। अब समाज कल्याण विभाग इस निधि का लाभ पाने की पात्रता, डे केयर सेण्टर संचालन, निधि के लिए सीएसआर फंडिंग आदि के लिए नियमावली तैयार करा रहा है।


इसी वित्तीय वर्ष में सुविधाएं मुहैया करवाने का प्रयास
विभाग के अफसरों को उम्मीद है कि राशि मिलने के बाद देश-प्रदेश के औद्योगिक व व्यापारिक प्रतिष्ठानों से सीएसआर फण्ड के तहत राशि संकलित करने का काम शुरु होगा। प्रयास होगा कि इसी वित्तीय वर्ष में इस निधि से बुजुर्गों को सुविधाएं मुहैया करवा दी जाएं।

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एक अक्तूबर को पिछले साल इस संबंध में की गयी थी घोषणा

कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद पिछला एक साल इस योजना के प्रारूप को तैयार करने, आयकर छूट दिये जाने की केन्द्र सरकार से अनुमति लेने आदि में ही लग गया। अब निधि गठित होने के बाद समाज कल्याण विभाग ने पांच करोड़ रुपये की राशि दिये जाने का अनुरोध पत्र भेजा है।

● जरूरतमंद बुजुर्गों की गंभीर बीमारियों का कल्याण निधि से होगा उपचार

● बुजुर्गों को समूह में तीर्थयात्रा कराई जाएगी, अन्य कई सुविधाएं भी मिलेंगी