लापरवाह 58 एआरपी पर नकेल, सपोर्टिंग व सुपरविजन और निपुण रैंकिंग में खराबी मिलने पर बीएसए ने रोका वेतन


उन्नाव,। शासन के सख्त रुख पर बेसिक शिक्षा विभाग में मनमानी करने वालों पर नकेल कसी जा रही है। लक्ष्य के मुताबिक सपोर्टिव सुपरविजन करने में कमजोर रहे जिले के छह एआरपी और डिस्ट्रिक्ट निपुण रैकिंग में फिसड्डी रहे सभी ब्लॉक के एआरपी का बीएसए ने वेतन रोक दिया है। दिसंबर का वेतन रोक कर बीएसए ने सभी से तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण तलब किया है।




छह एआरपी का निपुण रैकिंग खराब होने के साथ सपोर्टिव सुपरविजन कम करने पर वेतन अवरुद्ध किया गया है। जिसमें बीघापुर ब्लॉक के आलोक सिंह, फतेहपुर चौरासी के शैलेन्द्र सिंह, हिलौली के अविनाश यादव, सफीपुर के स्मिता त्रिपाठी, सिकंदरपुर कर्ण के क्षितिज श्रीवास्तव, सिकंदरपुर सरोसी के प्रदीप पाल का नाम शामिल है। जिले के नगर और 16 ब्लॉकों में प्रत्येक ब्लॉक में 5 के हिसाब से 85 एआरपी की तैनाती तय है। अभी इनकी संख्या 58 है। जिनके द्वारा हर रोज दो स्कूलों का सपोर्टिव सुपरविजन करना अनिवार्य है। अक्तूबर से नवंबर में किए गए सपोर्टिव सुपरविजन का प्रेरणा पोर्टल पर समीक्षा करने पर रिपोर्ट काफी न्यून पाई गई।