746 कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों के लिए प्रदर्शन सूचक जारी


लखनऊ : सभी 746 कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों (केजीबीवी) में कार्यरत वार्डेन, पूर्णकालिक शिक्षक, अंशकालिक शिक्षक, लेखाकार व मुख्य रसोईया का हर वर्ष मूल्यांकन किया जाएगा। इनका विद्यालय से संबंधित विभिन्न कार्यों में प्रदर्शन देखा जाएगा और फिर सेवा का अगले वर्ष के लिए नवीनीकरण किया जाएगा। ऐसे लोग जिन्हें 50 प्रतिशत से कम अंक मिलेंगे उन्हें सेवा से बाहर कर दिया जाएगा। इसके लिए गुरुवार को प्रदर्शन सूचक (परफार्मेंस इंडीकेटर्स) घोषित कर दिया गया है।



उप शिक्षा निदेशक (समग्र शिक्षा) डा. मुकेश कुमार सिंह के मुताबिक बालिकाओं को गुणवत्तापरक शिक्षा और बेहतर आवासीय सुविधाएं मिलें इसके लिए यह कदम उठाया गया है। 100 प्रतिशत से लेकर 80 प्रतिशत अंक पाने वाले उत्कृष्ट, 79 प्रतिशत से 60 प्रतिशत तक अंक पाने वाले सर्वोत्तम, 59 प्रतिशत से लेकर 50 प्रतिशत तक अंक पाने वाले संतोषजनक और 50 प्रतिशत से कम अंक पाने वाले असंतोषजनक की श्रेणी में होंगे। सभी जिलों के जिला समन्वयक (बालिका शिक्षा) को यह जिम्मेदारी दी गई है और इसे जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अंतिम रूप

देंगे। वार्डेन मूल्यांकन का 110 अंकों का होगा इसमें लक्ष्य के सापेक्ष बालिकाओं के प्रवेश, प्रतिदिन प्रेरणा पोर्टल पर उपस्थिति, निपुण असस्मेंट टेस्ट, वार्डेन के संबंधित विषय में छात्राओं की स्थिति, परीक्षा परिणाम, अवस्थापना सुविधाएं और स्वच्छ भोजन उपलब्ध कराने इत्यादि के अंक होंगे। वहीं पूर्णकालिक शिक्षकों व अंशकालिक शिक्षकों का मूल्यांकन 52-52 अंकों में किया जाएगा। परीक्षा परिणाम के साथ-साथ विद्यालय के लिए किए गए बेहतर कार्यों के भी अंक इसमें होंगे। मुख्य रसोईया का 50 अंक और लेखाकार का 40 अंकों में मूल्यांकन किया जाएगा। संविदा का हर साल नवीनीकरण अब इसी प्रदर्शन के आधार पर किया जाएगा