एक ऐसा स्कूल जहां शिक्षकों के प्यार से चहकते हैं दिव्यांग बच्चे


प्रयागराज। जीवन अनमोल है। व्यक्ति के लिए हर अंग बहुत खास है। लेकिन वह चाहे जन्मजात हो या फिर और किसी कारण से दिव्यांगता जीवन के लिए चुनौती बन जाती है। लेकिन एसआरएन अस्पताल की ओर जानी वाली सड़क पर स्थित बचपन डे केयर सेंटर में दिव्यांग बच्चों को घर जैसा माहौल मिलता है।





साथ ही विशेष प्री-प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त कर सामान्य स्कूलों में पढ़ाई करते हैं। केंद्र में श्रवण बाधित 31, बौद्धिक दिव्यांग 27 और श्रवण दिव्यांग 18 बच्चे शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। यहां तीन से सात साल के बच्चे पढ़ते हैं। केंद्र में 200 से अधिक दिव्यांग छात्र शिक्षा प्राप्त कर दूसरी जगह आजीविका से जुड़े हैं या पढ़ाई कर रहे हैं। फिजियोथेरेपी कक्ष में फिजियो थेरेपिस्ट समय-समय पर थेरेपी करते हैं। शिक्षकों में सविता जायसवाल, महेश मिश्र, दिलीप कुमार, संदीप शुक्ल, प्रीति सिंह और संजू कुशवाहा शामिल हैं।


बच्चों के प्रवेश के लिए करें संपर्क

केंद्र के समन्वयक चंद्रभान द्विवेदी ने बताया कि शहर के बच्चों को विद्यालय की ओर से निशुल्क वाहन की सुविधा उपलब्ध है। मीनू के अनुसार भोजन मिलता है। विशेष शिक्षकों की ओर से फिजियोथेरेपी, स्पीच थेरेपी, यूनिफार्म, स्कूल बैग, स्वास्थ्य परीक्षण आदि सुविधाएं उपलब्ध हैं। यदि कोई अपने दिव्यांग बच्चे का प्रवेश बचपन डे केयर में कराना चाहता है तो फोन नंबर 9140473622 या 9452854868 पर संपर्क कर सकते हैं।

बच्चों के प्रति शिक्षकों का विशेष लगाव

विशेष बच्चों के साथ शिक्षकों को प्यार, दुलार, देखभाल और खानपान का जादू ही कहा जाएगा कि जब घर जाने का वक्त होता है तो बच्चे मायूस हो जाते हैं। शिक्षकों को भी छात्रों से ऐसा लगाव है कि जब बच्चे घर चले जाते हैं तो उन्हें भी अच्छा नहीं लगता। यह सेंटर भले सरकारी सुविधाओं से संचलित है लेकिन निजी केंद्र से भी कहीं आगे है। तीनों तरह के दिव्यांग बच्चों का अलग-अलग कमरे में शिक्षण कार्य होता है। शनिवार को दोपहर एक बजे बच्चे जब बस में बैठने लगे तो मुड़-मुड़कर शिक्षकों को देखते रहे।