बच्चों के बर्ताव का ब्योरा भी रिपोर्ट कार्ड में दर्ज होगा, दो बार भरेंगे रिपोर्ट कार्ड


कक्षा एक से आठ तक बच्चों के रिपोर्ट कार्ड पर विषयों के मूल्यांकन के साथ ही बच्चों के व्यवहार का आकलन भी देखने को मिलेगा। परिषदीय विद्यालयों के कक्षा एक से आठ तक बच्चों को समग्र प्रगति कार्ड तैयार किया है। जिसमें बच्चे की विषय में दक्षता के साथ ही छात्र की आयु, लम्बाई, वजन के अलावा बच्चे का स्कूल और घर में व्यवहार को भी दर्शाया जाएगा।



समग्र प्रगति कार्ड को राज्य शैक्षिक अनुसंधान केन्द्र ने तैयार किया है। जिसे नए सत्र से परिषदीय विद्यालयों में लागू कराएंगे। राज्य शैक्षिक अनुसंधान परिषद के संयुक्त निदेशक डा. पवन सचान ने बताया कि समग्र प्रगति रिपोर्ट कार्ड में कक्षा एक से दो तक छात्रों के अंक की जगह स्टार दिए जाएंगे। साथ ही स्वच्छाता, कलात्मक अभिरूचि, व्यवहार का आकलन होगा। वहीं कक्षा तीन से आठ तक हिन्दी, गणित, अंग्रेजी के साथ पर्यावरण अध्ययन, सामाजिक विषय एवं विज्ञान आधार पर आकलन होगा। तार्किक क्षमता, अभिरूचि, व्यवहार, कौशल का आकलन होगा।


कार्ड भरने के लिए शिक्षक को प्रशिक्षण

डा. पवन सचान ने बताया कि एनसीआरटी की एक वर्कशॉप के साथ समग्र प्रगति कार्ड की तैयारी शुरू हुई। शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। रिपोर्ट कार्ड को भरने में अभिभावक का सहयोग लिया जाएगा।

दो बार भरेंगे रिपोर्ट कार्ड

समग्र प्रगति कार्ड में विद्यालय की जानकारी के साथ छात्र की फोटो, माता-पिता की जानकारी, यूनिक आईडी और समस्त जानकारी दर्ज होगी। इसे साल में दो बार भरा जाएगा। सितंबर और फरवरी महीने में इसमें प्रोग्रेस अंकित होगी।