सरकार की आलोचना सही, पर नफरती भाषा ठीक नहीं : हाईकोर्ट


इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रधानमंत्री मोदी व मुख्यमंत्री योगी के खिलाफ सोशल मीडिया पर अभद्र टिप्पणी व हेट स्पीच तथा प्रेस रिपोर्टर बन गलत रिपोर्ट करने के आरोपी को जमानत देने से इन्कार कर दिया है। साथ ही जमानत अर्जी खारिज कर दी है। यह आदेश न्यायमूर्ति मंजूरानी चौहान ने वाराणसी, लालपुर थाने में दर्ज आपराधिक मामले में आरोपी अमित


मौर्य की अर्जी खारिज करते हुए दिया। कोर्ट ने पत्रकारों व प्रकाशकों को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि पारदर्शिता व जवाबदेही के साथ भ्रष्टाचार में लिप्त लोगों
की सही जानकारी उजागर करना ठीक है।




 लेकिन मीडिया का प्रयोग धन उगाही के लिए नहीं किया जा सकता। इससे पत्रकारिता की विश्वसनीयता धूमिल हो रही है। कोर्ट ने सोशल मीडिया में प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री पर अशोभनीय टिप्पणी को सही नहीं माना। हालांकि, कहा कि सरकार के कार्यों से असहमति व आलोचना करने की सभी को आजादी है। यह मजबूत लोकतंत्र का एक घटक है। किंतु अभिव्यक्ति गरिमा के अनुरूप होनी चाहिए। कोर्ट ने आरोपी की जमानत अर्जी खारिज कर दी।