सेवानिवृत्त शिक्षकों ने मांगी काल्पनिक पदोन्नति

• जल्द लाभ नहीं मिलने पर हाई कोर्ट में याचिका लगाएंगे


• अपर शिक्षा निदेशक राजकीय को पत्र लिखकर रखी मांग
प्रयागराज : निर्धारित समय पर विभागीय पदोन्नति (डीपीसी) नहीं मिलने से पात्र होने के साथ सेवानिवृत्त हुए शिक्षकों को आर्थिक नुकसान हो रहा है। ऐसे में पदोन्नति सूची में सम्मिलित सेवानिवृत्त शिक्षकों ने मांग की है कि उन्हें अधीनस्थ राजपत्रित के पद पर काल्पनिक (नोशनल) पदोन्नति दी जाए, जिससे एक वेतनवृद्धि का लाभ मिलने के क्रम में पेंशन के रूप में फायदा मिल सके। विभागीय ढिलाई के कारण लाभ से वंचित नाराज शिक्षकों की ओर से एडी राजकीय को पत्र लिखकर अविलंब काल्पनिक पदोन्नति की मांग की गई है। अन्यथा कि स्थिति में प्रभावित शिक्षक हाई कोर्ट में याचिका लगाने



की तैयारी में हैं।

राजकीय माध्यमिक विद्यालयों के 108 सहायक अध्यापकों (एलटी) एवं 131 प्रवक्ताओं को 21 मई 2022 को विभागीय पदोन्नति दी गई। यह पदोन्नति दिसंबर 2021 में मिलनी थी, लेकिन विभागीय अधिकारियों की ढिलाई के कारण देरी हुई। परिणाम यह हुआ कि दिसंबर 2021 की पदोन्नति सूची में शामिल कुछ शिक्षक 31 मार्च 2022 को सेवानिवृत्त हो गए। ऐसे में जो शिक्षक सेवा में थे, उन्हें 21 मई 2022 को


पदोन्नति मिल गई और अधीनस्थ राजपत्रित पद पर पदस्थापना मिल जाने से उन्हें एक वेतनवृद्धि का लाभ मिल गया। इसके विपरीत जो पदोन्नति सूची में थे, लेकिन 31 मार्च 2022 को सेवानिवृत्त हो गए, उन्हें पदस्थापना के समय सेवानिवृत्त हो जाने से विद्यालय आवंटित नहीं किया गया। ऐसे में उन्हें नियमानुसार काल्पनिक पदोन्नति दी जानी चाहिए थी। राजकीय शिक्षक संघ के प्रांतीय अध्यक्ष रामेश्वर पाण्डेय ने एडी राजकीय को पत्र लिखकर बताया कि कई बार इस संबंध में उन्हें पत्र भेजा गया, लेकिन कोई जवाब नहीं दिया गया, जिससे शिक्षकों को आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।