12 June 2026

सरप्लस परिषदीय शिक्षकों के पुनर्समायोजन में लागू होगा फर्स्ट इन-फर्स्ट आउट सिद्धांत

 बलिया। परिषदीय विद्यालयों में सरप्लस शिक्षकों के पुनर्समायोजन की प्रक्रिया को लेकर शासन ने नई गाइडलाइन जारी कर दी है।



इसके तहत अब सरप्लस शिक्षकों के चयन और पुनर्समायोजन में फर्स्ट इन-फर्स्ट आउट (पहले नियुक्त, पहले समायोजन) के सिद्धांत को लागू किया जाएगा। शासन ने सभी जिलों को निर्देश दिया है कि शिक्षकों की आपत्तियों का निस्तारण 20 जून तक हर हाल में पूरा कर लिया जाए तथा अंतिम सूची 26 जून तक निर्धारित ई-मेल पर उपलब्ध करा दी जाए।

अपर मुख्य सचिव, बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से सभी जिलाधिकारियों को भेजे गए निर्देश में कहा गया है कि पुनर्समायोजन की प्रक्रिया जिला स्तरीय समितियों की निगरानी में पूरी की जाएगी। सबसे पहले जिला मजिस्ट्रेट की ओर से प्रमाणित सूची का सत्यापन किया जाएगा। यदि सूची में किसी प्रकार की त्रुटि या कमी पाई जाती है तो उसका संशोधन करते हुए संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय की जा सकती है।


परिषदीय विद्यालयों में एकल शिक्षक व्यवस्था समाप्त करने के उद्देश्य से कराई गई जांच में जिले के 730 विद्यालयों में कुल 911 शिक्षक सरप्लस पाए गए थे। इसके लिए लगभग 10 हजार शिक्षकों के आंकड़ों का परीक्षण किया गया था।



जांच में प्राथमिक विद्यालयों के 610 स्कूलों में 737 तथा उच्च प्राथमिक विद्यालयों के 120 स्कूलों में 174 शिक्षक आवश्यकता से अधिक मिले थे। विभागीय आंकड़ों के अनुसार समायोजन प्रक्रिया में नगर शिक्षा क्षेत्र को शामिल नहीं किया गया था। प्रारंभिक स्तर पर 112 विद्यालयों में एक-एक शिक्षक के समायोजन की आवश्यकता चिन्हित की गई थी।

अब नई गाइडलाइन लागू होने के बाद पुनर्समायोजन की पूरी प्रक्रिया ‘फर्स्ट इन-फर्स्ट आउट’ सिद्धांत के आधार पर आगे बढ़ाई जाएगी।