शिक्षा-मित्र मामले में माननीय सर्वोच्च न्यायालय में जस्टिस अमानुल्ला और जस्टिस मनमोहन की बेंच ने नोटिस इशू की है -
सरकारों का क्या है जब TET नहीं थे तब बना दिया गया शिक्षक और अब TET हैं तो वही बंधुआ मज़दूर ये HUMAN JUSTICE तो है नहीं क्योंकि नियम जो सरकारें बताती हैं उन पर क्या सबकुछ हो रहा है?
जहां न्याय पहुँचना चाहिए वहाँ न्याय पहुँचता नहीं है बाक़ी सब तो ऐसे ही चल रहा है परंतु कुछ भी कहना अभी जल्दबाज़ी होगी लड़ने वाले अपना पक्ष मज़बूती से रखेंगे तो काफ़ी कुछ उनके समक्ष।

