डीबीटी डाटा फीडिंग में भारी पड़ी लापरवाही, 121 स्कूलों के 600 शिक्षकों का वेतन फंसा


गोण्डा, परिषदीय स्कूलों के छात्रों को सामग्री के लिए उनके अभिभावकों के बैंक खातों में सीधे बजट भेजा जाता है। बीते शैक्षिक सत्र से शुरू हुई डीबीटी (डायरेक्ट बेनीफिट ट्रांजक्शन) योजना में लापरवाही शिक्षकों को भारी पड़ रही है।

पिछले साल छात्रों को ड्रेस, जूता मोजा, स्वेटर व स्कूल बैग के लिए 1100 रुपये की दर से सीधे बैंक खाते में धनराशि भेजी गई थी। इस बार 12 सौ रुपये की दर से अनुदान देने की योजना बनी है जिसमें सौ रुपये कॉपी, पेंसिल,रबर आदि के लिए दिया जाना है। इसके लिए चार लाख 49 हजार 953 छात्रों को  डीबीटी के लिए फीडिंग का सत्यापन  करना है, जिसमें एक लाख दो हजार 777 छात्रों का सत्यापन नहीं हो सका है। चार ब्लॉकों के 121 स्कूलों के 600 शिक्षकों के जुलाई माह का वेतन रोक दिया गया है। जिले के 2611 स्कूलों में पंजीकृत छात्रों को डीबीटी योजना का लाभ दिए जाने के लिए फीडिंग का कार्य समय से पूरा होना है। फीडिंग की प्रक्रिया पूरी न होने से बजट तय होने में दिक्कत होगी। जिले में विभाग ने शुरू से ही सख्त कदम उठाया, इससे 12 ब्लॉकों के कार्य तो पूरे हो गए हैं। लेकिन चार ब्लाकों के चार सी के करीब शिक्षकों की लापरवाही सामने आई है। इस पर बीएसए अखिलेश प्रताप सिंह ने नाराजगी जताई है और सभी को जुलाई माह का वेतन रोक दिया है। डॉबीटी के लिए फीडिंग में बच्चों के साथ ही उनके माता-पिता का आधार और पासबुक खाते का ब्यौरा दर्ज करना होता है। इसमें एक लाख दो हजार 777 छात्रों की फोडिंग सत्यापित नहीं हो सकी है। बिना सत्यापित किए डेटा वैध नहीं माना जा सकता है। ब्लॉकों से मांगी गई रिपोर्ट में शिक्षकों की लापरवाही उजागर हुई है। ऐसे में चार सौ के करीब शिक्षकों का येतन रोका गया है। साथ ही हिदायत दी गई है कि समय से कार्य पूरा न होने पर आगे भी वेतन रूका रहेगा।