आधार-पैन लिंक करने के लिए पहले समय दिया, अब जुर्माना लगाना सही : वित्त मंत्री


वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण कहना है कि आधार कार्ड और परमानेंट अकाउंट नंबर (पैन) कार्ड लिंक करने के लिए पहले ही समय दिया जा चुका है। अब इन्हें लिंक करने पर फाइन लगाना सही है। उन्होंने एक प्रेस वार्ता में जुर्माना लगाने का बचाव कर कहा कि जब तक संभव था, कार्ड लिंक कर लेने चाहिए थे।



वित्त मंत्री ने कहा, 'पहले समय दिया गया था, अब तक कार्ड लिंक कर देने चाहिए थे। अगर समय सीमा बीत चुकी है, विलंब शुल्क बढ़ेगा।' उल्लेखनीय है कि 31 मार्च 2022 तक आधार पैन मुफ्त में लिंक करने का समय सरकार ने दिया था। इसके बाद 1 अप्रैल से 500 रुपये विलंब शुल्क लिया गया। 1 जुलाई से विलंब शुल्क बढ़ाकर 1 हजार रुपये कर दिया गया। वहीं 30 जून 2023 तक जो नागरिक यह दोनों कार्ड लिंक नहीं करेंगे, उनके पैन कार्ड निष्क्रिय हो जाएंगे।


लिंक नहीं तो भुगतेंगे परिणाम

28 मार्च को वित्त मंत्रालय ने बयान दिया था कि जिन लोगों ने आधार-पैन लिंक नहीं किए वे परिणाम भुगतेंगे। उन्हें स्रोत से टैक्स कटौती (टीडीएस) और स्रोत से टैक्स संग्रह (टीसीएस) से गुजरना पड़ सकता है। आयकर अधिनियम 1961 में किए प्रावधानों के तहत जिन्हें 1 जुलाई 2017 तक पैन आवंटित हुए और जो आधार पाने के पात्र हैं, उन्हें तय शुल्क चुकाकर निर्धारित अधिकारी को 31 मार्च 2023 तक इनकी जानकारी देनी थी। ऐसा न करने पर 1 अप्रैल से उन पर कुछ दुष्प्रभाव पड़ सकते हैं। हालांकि बाद में यह समय सीमा 30 जून 2023 तक के लिए बढ़ाई गई। दोनों कार्ड लिंक नहीं करने वालों के पैन कार्ड 1 जुलाई 2023 से निष्क्रिय हो जाएंगे।