ट्रांसफर के बावजूद शिक्षक ‘न गए न आए’

 
ट्रांसफर के बावजूद शिक्षक ‘न गए न आए’




फिलहाल नगर क्षेत्र के स्कूलों का ‘सूखा’ खत्म



जिले में ज्वाइन करने वाले 185 शिक्षकों का फिलहाल पदस्थापन नहीं हो सका है। आनलाइन आवंटन के कारण शिक्षक अभी स्कूलों में पहुंचने का इंतजार कर रहे हैं। इस अवधि में बीएसए ने सभी नवागंतुक शिक्षकों को नगर क्षेत्र के विद्यालयों में भेजकर शिक्षण में योगदान के निर्देश दिए हैं। इन शिक्षकों से स्कूलों में पहुंचने से नगर क्षेत्र में शिक्षकों का सूखा फिलहाल खत्म हो गया है लेकिन पदस्थापन होने के बाद फिर से पुराने दिन लौट आएंगे।



फतेहपुर/खागा, । बीते दिनों अन्तर्जनपदीय तबादलों के बाद सामने जो आंकड़े आए थे उनके मुताबिक जिले से जाने वाले शिक्षकों की संख्या 201 थी जबकि आने वाले शिक्षकों की संख्या 421 थी। अब जो तस्वीर सामने आई है उसके मुताबिक जिले से 201 के सापेक्ष 154 शिक्षक रिलीव हुए हैं जबकि आने वालों में 421 की तुलना में मात्र 185 शिक्षकाें ने अपनी आमद कराई है। इस प्रकार तबादला पाने के बाद भी तमाम शिक्षकाें ने ज्वाइनिंग व रिलीविंग नहीं कराई।




कई सालों के इंतजार के बावजूद तमाम शिक्षकों ने अपने घर जाने को तवज्जो नहीं दी। इसके पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं। इसमें प्रमोशन न मिलना, स्थानांतरित जिले में वरिष्ठता को लेकर पेंच व अन्य कारण सामने आए हैं। कई ऐसे शिक्षक भी हैं जिनका उनके गृह जनपद में तबादला होने के बावजूद वह जिले से नहीं गए। डिमोशन लेकर आने वाले शिक्षक यहां ज्वाइन नहीं कर सके। तबादला पाने वाले सभी शिक्षकों के जिले में ज्वाइन न करने से शिक्षकों की संख्या के मामले में जनपद को अपेक्षित लाभ नहीं हो सका।





पड़ोसी जिलों के शिक्षकों में रहा असमंजस कौशाम्बी, प्रयागराज, रायबरेली समेत अन्य पड़ोसी जिलों के शिक्षकों में असमंजस की स्थिति रही। सूत्र बताते हैं कि उन्हें इस बात को लेकर असमंजस था कि शायद गृह जिले में जाने के बाद उन्हें आवंटित किए जाने वाला स्कूल उनके वर्तमान विद्यालय से अधिक दूर न हो जाए। कहने के लिए भले ही वह गृह जिला होता लेकिन विद्यालय से दूरी बढ़ने के आसार थे।