10 साल में भी 106 शिक्षकों के प्रमाण पत्रों का नहीं हो सका सत्यापन


हरदोई। बेसिक शिक्षा विभाग में विगत 10 वर्ष में तैनात हुए शिक्षकों में से 106 शिक्षकों के शैक्षिक प्रमाण पत्रों का अभी तक सत्यापन नहीं हो सका है। वहीं फर्जी पाए गए 124 में से 88 शिक्षकों पर नौ करोड़ रुपये बकाया है।



बेसिक शिक्षा विभाग में वर्ष 2014 से अब तक अलग-अलग 10 हजार भर्ती, 72 हजार भर्ती व 69 हजार शिक्षकों की भर्ती हुई। यह भर्ती विज्ञान- गणित विषय में की गई। इसमें जिले में अब तक पांच हजार से अधिक शिक्षकों की नियुक्ति की जा चुकी है।

भर्ती के दौरान जिले में हुई शिक्षकों की नियुक्ति में 124 शिक्षकों के शैक्षिक प्रमाण पत्र फर्जी गए गए, जिस पर उनको बर्खास्त 1 कया जा चुका है और उन सभी के
खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जा चुकी है।

उधर, इन शिक्षकों के अलावा जिले में तैनात सभी शिक्षकों के शैक्षिक प्रमाण पत्रों का विभाग को सत्यापन कराना था, मगर 10 साल बाद भी अभी 106 शिक्षकों के सभी शैक्षिक प्रमाण पत्रों का सत्यापन नहीं हो सका है। इन शिक्षकों के दो प्रमाण

पत्रों का सत्यापन होने के बाद वेतन जारी किया जा रहा है। जबकि पूरे प्रमाण पत्रों का सत्यापन न होने से उनके मूल प्रमाण पत्र अभी भी विभाग के पास जमा हैं। इससे शिक्षकों को विकल्प के तौर पर अगर कहीं परीक्षा व इंटरव्यू में जाना पड़ता है, तो विभाग को शपथ पत्र देकर प्रमाण पत्र लेने पड़ रहे हैं।


नौ करोड़ में एक रुपये की भी नहीं हुई रिकवरी हरदोई। फर्जी पाए गए 88 शिक्षकों ने विभाग से वेतन भी प्राप्त कर लिया था। जिस पर विभाग की ओर से उन पर नौ करोड़ 60 लाख 30 हजार रुपये की रिकवरी निकाली गई थी। इनमें आगरा विश्वविद्यालय से डिग्री प्राप्त करने वाले 16 शिक्षकों से 572.3 लाख रुपये, 10 हजार भर्ती में 66 शिक्षकों से दो करोड़ 86 लाख 33 हजार 278 रुपये, 29 हजार भर्ती में छह शिक्षकों से एक लाख 80 हजार रुपये वसूले जाने थे। मगर एक भी शिक्षक की ओर से धनराशि जमा नहीं की गई। (संवाद)

सत्यापन के लिए विश्वविद्यालय और बोर्ड को रिमांडर भेजे गए हैं। कई शिक्षकों के सत्यापन आ भी गए हैं। जो शेष हैं उनके सत्यापन के लिए फिर से रिमाइंडर भेजा जा रहा है। रिकवरी के लिए शिक्षकों को दूसरा नोटिस जारी किया गया है। विजय प्रताप सिंह, बीएसए