बीएसए पर बनाया नेता का दबाव, प्रधानाध्यापिका का वेतन रोका गया


विभागीय कार्य में शिथिलता और निर्देश देने पर संगठन के पदाधिकारी से बीएसए पर दबाव बनाने की कोशिश जोगिया ब्लॉक क्षेत्र के लखनापार प्राथमिक विद्यालय की प्रभारी प्रधानाध्यापिका पर भारी पड़ गई। बीएसए ने अग्रिम आदेश तक प्रभारी प्रधानाध्यापिका का वेतन रोकते हुए नोटिस जारी कर दिया है। तीन दिन में जवाब नहीं मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।




बताया जा रहा है कि बीएसए देवेंद्र कुमार पांडेय ने जोगिया ब्लॉक के लखनापार प्राथमिक विद्यालय की प्रभारी प्रधानाध्यापिका जागृति यादव को छात्र उपस्थिति पंजिका एवं मध्यान्ह भोजन पंजिका का डिजिटलीकरण करने का निर्देश दिया था। आरोप है कि बार-बार कहने के बावजूद प्रभारी प्रधानाध्यापिका इस कार्य को टालती रहीं। छह मार्च को उक्त कार्य में सहयोग के लिए कार्यालय से एमआईएस इंचार्ज एवं डीसी एमआईएस को भेजा गया लेकिन शासन के उच्च प्राथमिकता वाली योजना के क्रियान्वयन में प्रभारी प्रधानाध्यापिका ने कोई रूचि नहीं ली। कार्य करने के बजाए संगठन विशेष के पदाधिकारी से बात कराने की धमकी दी गई।इसे गंभीरता से लेते हुए बीएसए ने सख्त रूख अपनाया है। उन्होंने प्रभारी प्रधानाध्यापिका को नोटिस कर दिया है, जिसमें लिखा है कि उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना, अनुशासनहीनता एवं कर्मचारी आचरण नियमावली के उल्लंघन के कारण उनका वेतन अग्रिम आदेश तक अवरूद्ध किया जाता है। साथ ही इस संबंध में तीन दिन के भीतर उपस्थित होकर अपना स्पष्टीकरण उपलब्ध कराएं कि क्यों न उनकी सेवा समाप्त कर दी जाए। स्पष्टीकरण समय न प्राप्त होने अथवा संतोषजनक न पाये जाने पर कठोर दण्डात्मक विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

इस संबंध में बीएसए देवेंद्र कुमार पांडेय ने कहा कि सरकार विद्यालयों की सारी गतिविधियों को ऑनलाइल कर रही है। इसमें शिक्षकों की आनलाइन हाजिरी लगाने की व्यवस्था के अलावा छात्र उपस्थिति पंजिका एवं मध्यान्ह भोजन पंजिका का डिजिटलीकरण शासन की शीर्ष प्राथमिकताओं में से एक है। लेकिन कई शिक्षक इसमें रूचि लेने की बजाय विरोध कर रहे हैं। यह स्वीकार्य नहीं है।