शिक्षकों ने डिजिटलाइजेशन के विरोध में निकाला पैदल मार्च


झांसी। बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों के रजिस्टर को डिजिटलाइज करने के विरोध में शिक्षक और शिक्षामित्र लामबंद हो गए हैं। बृहस्पतिवार को उन्होंने बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय से पैदल मार्च निकाला। इसके बाद कलक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। शिक्षकों ने कहा कि बिना किसी प्रशिक्षण ही डिजिटलाइजेशन शुरू कर दिया गया है। इससे उन्हें परेशानी हो रही है। इसके अलावा अन्य समस्याएं भी उठाईं।




ऑनलाइन कामों में आ रही समस्याओं को लेकर शिक्षक संगठन, शिक्षामित्र संगठन, अनुदेशक संगठन एक मंच पर आ गए हैं। बृहस्पतिवार को उन्होंने पैदल मार्च निकालकर कलक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा, जिसके जरिये शिक्षकों ने बताया कि विभाग की ओर से नित नए आदेश जारी किए जा रहे हैं। इस दौरान जिलाध्यक्ष जितेंद्र दीक्षित ने कहा कि बड़ी संख्या में उपस्थित होकर शिक्षकों ने अपना आक्रोश प्रकट किया है। बेसिक शिक्षा परिषद में मूलभूत जरूरतों को पूरा करने की बजाय तकनीकी समस्याग्रस्त चीजें थोपी जा रही हैं। उचित संसाधन उपलब्ध किए बिना ऑनलाइन कार्य कराया जा रहा है। जिसमें कई व्यवहारिक और तकनीकी समस्याएं आ रही हैं। उन्होंने लंबित मांगों के निस्तारण और मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति के बिना डिजिटलाइजेशन व्यवस्था का विरोध किया। इस दौरान वरिष्ठ उपाध्यक्ष पुष्पेंद्र कुशवाहा, संयुक्त मंत्री शिवकुमार पाराशर, बुंदेलखंड प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष मृत्युंजय सिंह, जिलाध्यक्ष डॉ. अनिरुद्ध रावत, पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष पुष्पेन्द्र सिंह परिहार, अनुदेशक संघ के अध्यक्ष हृदेश कुमार, प्रशांत पांडेय, शाहीन बानो, लाल सिंह यादव, अजय रिछारिया आदि मौजूद रहे।