बेसिक शिक्षा परिषद की शिक्षक भर्ती के लिए उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) उत्तीर्ण होना अनिवार्य होने के साथ चार वर्ष बाद इसका आयोजन होने से अभ्यर्थियों की संख्या 15 से 20 लाख के करीब रहने का अनुमान है। इसमें 1.86 लाख वह शिक्षक भी सम्मिलित हैं, जो परिषदीय विद्यालयों में बिना टीईटी के कार्यरत हैं। इसके पहले वर्ष 2021 में टीईटी का विज्ञापन जारी किया गया था, जिसकी परीक्षा 2022 में पूर्ण हुई थी। उसके बाद से प्रशिक्षित छात्र छात्राएं इस परीक्षा के आयोजन की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
वर्ष 2021 में टीईटी का विज्ञापन जारी होने के बाद से प्रतिवर्ष डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजूकेशन (डीएलएड) व बीएड का प्रशिक्षण छात्र-छात्राएं प्राप्त कर रहे हैं। सिर्फ डीएलएड में ही प्रतिवर्ष अनुमानित 1.50 लाख छात्र-छात्राएं प्रशिक्षण पूर्ण कर रहे हैं। इसके अलावा
बीएड प्रशिक्षित छात्र-छात्राएं भी हैं। इतना ही नहीं, 2021 के पहले डीएलएड व बीएड प्रशिक्षण प्राप्त वह अभ्यर्थी भी विज्ञापन आने की प्रतीक्षा कर रहे हैं, जो पूर्व में हुई टीईटी में उत्तीर्ण नहीं हुए। इधर, सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश से उन
सरकारी शिक्षकों को भी सेवा में बने रहने के लिए दो साल के अंदर टीईटी उत्तीर्ण करना अनिवार्य है, जो बिना टीईटी के विद्यालयों में नियुक्त हैं। अन्यथा की स्थिति में सेवा से बाहर हो जाएंगे। हालांकि प्रदेश सरकार कार्यरत शिक्षकों से समर्थन में टीईटी से छूट दिए जाने के लिए सुप्रीम कोर्ट गई है, लेकिन कोई निर्णय नहीं आने से विद्यालयों में पढ़ा रहे शिक्षक भी टीईटी की तैयारी में जुटे हैं। इस तरह टीईटी में आवेदनों की संख्या अधिक रहने का अनुमान है।
कार्यरत सरकारी शिक्षक को अंकित करना विवरण
शिक्षा सेवा चयन आयोग ने टीईटी के लिए जारी किए गए विज्ञापन में कार्यरत सरकारी शिक्षकों को भी आवेदन करने का अवसर दिया है। इसमें सरकारी शिक्षक होने पर विकल्प 'हां' चुनना होगा। यह चयन करने पर उन्हें अपने आवश्यक विवरण- शिक्षक का प्रकार, संगठन/विद्यालय का नाम, कार्यभार ग्रहण करने की तिथि, सेवानिवृति तिथि तथा मानव संपदा कोड अनिवार्य रूप से भरने/अंकित करने होंगे।

