21 March 2026

शिक्षकों के निलंबन का अनुमोदन 60 दिनों में नहीं किया तो कार्रवाई

 

लखनऊ,  शिक्षकों निलंबन कर उसे 60 दिनों में अनुमोदित नहीं करना तथा निलम्बन के नाम अध्यापकों का उत्पीड़न करना माध्यमिक शिक्षा विभाग के जिले, मंडल व निदेशालय तक के अधिकारियों के लिए महंगा पड़ेगा। शासन ऐसे अधिकारियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगी।



निलंबन के मामलों को तय समय सीमा से अधिक लटकाने की बढ़ती प्रवृत्ति के विरुद्ध शासन ने चेतावनी जारी की है। जिसमें कहा गया है कि निलंबन के मामले को 60 दिनों बाद भी लटकाए रखकर शिक्षकों के उत्पीड़न की शिकायतें बढ़ती जा रही है जो सिटिजन चार्टर के प्रतिकूल है। प्रदेश के 39 ऐसे जिले चिन्हित किए हैं, जहां इस तरह के मामलों को लंबे समय तक

लटकाए जाने की दर्जनों शिकायतें हैं। नियमानुसार निलम्बन के 60 दिनों के भीतर उसका अनुमोदन या अनानुमोदन का निर्णय नहीं होने पर कृत कार्यवाही को विधि शून्य माने जाने का प्रावधान है। इसके बावजूद दर्जनों ऐसी शिकायतें हैं जिनमें पांच से छह माह बाद भी निलम्बन का अनुमोदन या अनानुमोदन नहीं किया गया है। इस प्रकरण को विधान परिषद में शिक्षक नेताओं की ओर से भी कई बार उठाया जा चुका है, जिसके जवाब में सरकार की ओर से कहा गया था कि इस तरह के मामलों की विशेष निगरानी की जा रही है। इसी कवायद में शासन स्तर पर 39 जिलों को चिन्हित किया गया है