26 April 2026

“नीयत बनाम नियति: ₹17,000 मानदेय पर अनुदेशकों का एरियर अब भी अधर में”

 

हक़ देने की नीयत होनी चाहिए , बहुत वाह वही लूटी अनुदेशकों का मानदेय ₹ 17000 करने की लेकिन हकीकत ये है माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने उसी समय से ₹ 17000 भुगतान के रूप में छह माह में एरियर देने की बात कही थी जिसके विरुद्ध उत्तर प्रदेश सरकार ने माननीय सर्वोच्च न्यायालय में रिव्यू पेटिशन दाखिल की है जिसकी सुनवाई जल्दी होगी क्योंकि डिफेक्ट्स भी क्लियर उतनी ही तेजी से किये गए हैं । 


आप स्वयं सोचिए शिक्षकों के लिए टेट अनिवार्य होने के मुद्दे पर भी सरकार द्वारा रिव्यू डाला गया था लेकिन डिफेक्ट्स क्लियर नहीं किये और यहाँ ? 


हालांकि अनुदेशकों के एरियर के विरुद्ध डाला गया रिव्यू चैम्बर से ही ख़ारिज हो जाएगा बस बात नीयत की है । ये आपको चुनाव में तो भत्ता देने को राजी हैं क्योंकि आप वोटबैंक हैं लेकिन आपके प्रति जिम्मेदारी नहीं निभायेंगे जो रोजगार से आती है , इनके अनुसार सरकार का काम थोड़े ही होता है रोजगार देना । 


शेष लगे रहिये आपको घबराना नहीं है । 


#rana