सकलडीहा। चहनियां विकास खंड स्थित रूपेठा कंपोजिट विद्यालय से शनिवार को एक वीडियो वायरल हुआ था। इस वीडियो में कुछ शिक्षक और बच्चे बालू व ईंट के टुकड़े हटाते हुए दिख रहे थे। वीडियो सामने आने के बाद बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) सचिन कुमार ने प्रभारी प्रधानाध्यापक सुनील कुमार को निलंबित कर दिया। अब अभिभावक और बच्चे इस निलंबन का विरोध कर रहे हैं। सोमवार को बच्चों और अभिभावकों ने विद्यालय के ही एक सहायक अध्यापक पर प्रधानाध्यापक को साजिश के तहत फंसाने का आरोप लगाया। बच्चों का कहना है कि सहायक अध्यापक उन्हें गंदे वीडियो भी दिखाते हैं और मारते-पीटते हैं।
प्रधानाध्यापक सुनील कुमार ने भी अपने निलंबन को एक साजिश बताया है। प्रधानाध्यापक सुनील कुमार के अनुसार, शनिवार को नो बैग डे था, जिस दिन बच्चों को खेल, कला, सांस्कृतिक गतिविधियों, मीना मंच और स्वच्छता के बारे में जानकारी दी जाती है। वे सुबह 8 बजे जूनियर विद्यालय में बच्चों को पढ़ा रहे थे। विद्यालय में किचन का
निर्माण हुआ है, जिसके कारण कुछ सामग्री और ईंट के टुकड़े इधर-उधर पड़े थे। उन्होंने बताया कि विद्यालय के शिक्षा मित्र और एक सहायक अध्यापक इन टुकड़ों को हटा रहे थे। इसी दौरान, साजिश के तहत विद्यालय के ही एक सहायक अध्यापक ने कुछ बच्चों को बुलाकर साफ-सफाई में सहयोग के लिए भेज दिया।
प्रधानाध्यापक का दावा है कि बच्चों को वहां काम कर रहे शिक्षक कक्षा में जाने को कह रहे थे, लेकिन सहायक अध्यापक ने कहा कि उन्हें भी स्वच्छता की जानकारी होनी चाहिए और उन्हें काम पर लगा दिया। इसी समय मोबाइल से वीडियो बनाकर उसे वायरल कर दिया गया। प्रधानाध्यापक सुनील कुमार ने कहा कि उन्हें इस काम की जानकारी नहीं थी कि कहां सफाई हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना जांच किए रविवार को आनन-फानन में उन्हें निलंबित कर दिया गया, जबकि उस दिन अवकाश था। प्रधानाध्यापक ने इस मामले की निष्पक्ष जांच और सहायक अध्यापक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। इस संबंध में बीएसए सचिन कुमार से बात करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने मोबाइल नहीं उठाया।

