प्रदेश में आरटीई की 195740 सीट, प्रवेश मात्र 124545 पर
प्रयागराज : शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए आरटीई के तहत प्रवेश प्रक्रिया तीन चरण में संचालित की गई। निजी स्कूलों की 25 प्रतिशत सीटों पर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को प्रवेश देने का निर्देश शासन स्तर से था। पहले चरण दो फरवरी से 20 फरवरी, दूसरे चरण 21 फरवरी से 11 मार्च और तीसरे चरण 12 मार्च से 29 मार्च तक नामांकन के लिए आदेश निर्गत करने की तिथि तय की गई थी। उसके बाद स्कूलों को प्रवेश लेना है। 26 अप्रैल तक प्रदेशभर में 195740 सीट के सापेक्ष 124545 छात्र-छात्राओं ने नर्सरी/प्री-स्कूल या कक्षा एक में प्रवेश लिया। अब भी 71195 सीटें रिक्त हैं, अर्थात 63.6 प्रतिशत सीट पर स्कूलों ने बच्चों को प्रवेश दिया।
तीन चरण में नर्सरी/प्री-स्कूल या कक्षा एक में प्रवेश की प्रक्रिया पूरी की गई
कानपुर नगर में सब से अधिक 6784 और लखनऊ में 5232 सीटें रिक्त
जिलेवार देखें तो कानपुर नगर में सब से अधिक 6784 सीटें रिक्त हैं। यहां 9650 सीट में से 2866 सीट पर प्रवेश हुए हैं। प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 16784 सीट के सापेक्ष 11552 सीट पर विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है। 5232 सीटें अब भी रिक्त हैं। तीसरे पायदान पर मुरादाबाद है। यहां 7124 सीट के सापेक्ष 3878 सीटें रिक्त हैं। 3246 विद्यार्थियों का प्रवेश हुआ है। सीटों के रिक्त रह जाने के मामले में गाजियाबाद, वाराणसी, मेरठ, अलीगढ़, आगरा क्रमशः चौथे, पांचवें, छठवें, सातवें और आठवें स्थान पर हैं। इन जिलों में क्रमशः 3874, 3300, 3247, 3207, 2803 सीटें अभी रिक्त हैं। प्रयागराज में यह आंकड़ा 1750 है। यहां 4161 सीट के सापेक्ष 2411 छात्र-छात्राओं का प्रवेश हुआ है। प्रतापगढ़ जनपद में कुल 1527 सीटें निर्धारित थीं, इनमें से 1310 पर प्रवेश दिया गया जबकि 217 सीटें रिक्त हैं।
कौशांबी में 1869 सीट के सापेक्ष 1317 सीट पर छात्र-छात्राओं को प्रवेश मिला है। फतेहपुर में 1704 सीटें थीं लेकिन 461 सीटें अब भी रिक्त हैं। स्कूल शिक्षा महानिदेशक की ओर से जारी सूची देखें तो श्रावस्ती सब से ठीक स्थिति में है। यहां 686 सीटें थीं। 665 पर प्रवेश हो चुका है। अभी 21 सीटें रिक्त हैं। हमीरपुर, महोबा, बस्ती, औरैया, चित्रकूट में क्रमशः 48, 59, 94, 115 व 119 सीटें रिक्त हैं।
प्रयागराज बीएसए अनिल कुमार का कहना है कि आनलाइन आवेदन के बाद ड्रा निकालने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। अभिभावक स्कूलों के एलाटमेंट के अनुसार धीरे-धीरे प्रवेश ले रहे हैं। उम्मीद है जुलाई तक अभिभावक प्रवेश लेते रहेंगे और सभी सीटें भर जाएंगी। कुछ स्कूलों की ओर से हीलाहवाली की शिकायतें अभिभावकों ने की थीं, उन्हें चेतावनी दी गई और प्रवेश भी कराया गया। यदि फिर कहीं कोई गड़बड़ी होती है तो संबंधित स्कूलों पर सख्त कार्रवाई करते हुए मान्यता वापस ली जाएगी। पूरा प्रयास होगा कि सभी सीटों पर विद्यार्थियों का प्रवेश सुनिश्चित किया जाए।

