22 April 2026

UP शिक्षा विभाग में हड़कंप : CM योगी के दौरे से पहले स्कूलों की 'स्कैनिंग' शुरू, इन 10 बिंदुओं पर फँस सकते हैं अफसर।

 

UP शिक्षा विभाग में हड़कंप : CM योगी के दौरे से पहले स्कूलों की 'स्कैनिंग' शुरू, इन 10 बिंदुओं पर फँस सकते हैं अफसर।


अपर मुख्य सचिव का सख्त फरमान—कागजों पर नहीं, धरातल पर दिखना चाहिए काम। 


लखनऊ/पीलीभीत। News Break Media उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जल्द ही प्रदेश के विभिन्न जिलों का तूफानी दौरा करने वाले हैं। इस दौरान मुख्यमंत्री किसी भी राजकीय इंटर कॉलेज, प्राथमिक या उच्च प्राथमिक विद्यालय का औचक निरीक्षण कर सकते हैं। मुख्यमंत्री के इस संभावित रुख को देखते हुए शासन ने शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों को अभी से 'एक्शन मोड' में रहने के निर्देश दिए हैं।


अपर मुख्य सचिव (बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा) पार्थ सारथी सेन शर्मा ने मंगलवार, 21 अप्रैल को प्रदेश के सभी जेडी (JD), एडी (AD), डीआईओएस (DIOS) और बीएसए (BSA) को पत्र भेजकर तैयारियों को पुख्ता करने का आदेश दिया है।


📣 इन 10 बिंदुओं पर होगी मुख्यमंत्री की 'पैनी नजर'

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा विशेष रूप से निम्नलिखित मानकों की जांच की जा सकती है:


📌 शिक्षा की गुणवत्ता: छात्रों के लर्निंग लेवल (सीखने का स्तर) और शैक्षणिक परिणामों की बारीकी से जांच होगी।


📌 शिक्षकों की उपस्थिति: स्कूलों में शिक्षकों की मानक के अनुसार तैनाती और उनकी समयबद्ध उपस्थिति अनिवार्य होगी।


📌 छात्रों की संख्या: विद्यालयों में छात्र-छात्राओं के नामांकन और वास्तविक उपस्थिति का मिलान किया जाएगा।


📌 इंफ्रास्ट्रक्चर: स्कूल भवन, प्रयोगशालाओं (Labs) की स्थिति और सुरक्षा उपायों का जायजा लिया जाएगा।


📌 बुनियादी सुविधाएं: शौचालय की सफाई और शुद्ध पेयजल की उपलब्धता पर विशेष ध्यान देना होगा।


📌 एक्स्ट्रा करिकुलर एक्टिविटीज: खेलकूद, सेमिनार और क्विज़ जैसी प्रतियोगिताओं के जरिए छात्रों का उत्साहवर्धन हो रहा है या नहीं।


📌 सेवायोजन: माध्यमिक विद्यालयों में छात्रों के करियर और रोजगार से जुड़ी काउंसिलिंग की स्थिति।


📌 शिक्षकों का व्यवहार: कार्यरत शिक्षकों और कर्मचारियों की कर्मठता और जनता/छात्रों के प्रति उनके व्यवहार की फीडबैक ली जाएगी।


📌 प्रतियोगिता का भाव: विद्यार्थियों के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के लिए आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की समीक्षा होगी।


📌 अनुशासन: विद्यालय परिसर में अनुशासन और विभागीय गाइडलाइंस का पालन।


📣 अधिकारियों को सख्त निर्देश: धरातल पर दिखना चाहिए काम


अपर मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया है कि निरीक्षण के दौरान कोई भी कमी मिलने पर संबंधित जिले के शिक्षा अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिया है कि अधिकारी केवल कागजों पर नहीं, बल्कि धरातल पर उतरकर स्कूलों की मॉनिटरिंग करें ताकि मुख्यमंत्री के भ्रमण के समय विभागीय तैयारियां और कुशल नेतृत्व स्पष्ट रूप से दिखाई दे।


महानिदेशक स्कूल शिक्षा को भी इस पूरी प्रक्रिया की प्रभावी मॉनिटरिंग (Effective Monitoring) करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।