उत्तरप्रदेश के बेसिक शिक्षा के शिक्षकों, शिक्षामित्रों और अनुदेशकों में ग्रीष्मवकाश में जनगणना ड्यूटी के बदले EL न देने को लेकर बेहद नाराजगी
लखनऊ: शिक्षकों ने बताया कि इस बार 20 मई से 15 जून तक का उनका ग्रीष्मवकाश केवल जनगणना ड्यूटी में बीत गया है,
जिसके बदले न तो उनको कोई EL दी गई हैं,
न ही ग्रीष्म अवकाश को 30 जून तक के लिए बढ़ाया गया है,
जनगणना ड्यूटी में लगे ऐसे सभी शिक्षकों ने मुख्यमंत्री माननीय आदित्यनाथ योगी जी से अपील की है कि या तो उन्हें जनगणना ड्यूटी के बदले कम से कम 25 EL दी जाएं अन्यथा उनका स्कूलों का ग्रीष्म अवकाश बढ़ाकर 30 जून तक कर दिया जाए और 1 जुलाई से ही विद्यालय पुन: खोले जाएं,
प्रदेश के विभिन्न जनपदों में दूर-दूर के जिलों में जनगणना कार्य कर रहे शिक्षक इस बार गर्मियों में अपने घर तक नहीं जा सके हैं,
प्रदेश के विभिन्न शिक्षक संगठनों ने भी उनकी इस मांग को लेकर अपना समर्थन जताया है और कहा है कि अगर 16 जून से विद्यालय खोले जाते हैं तो यह ऐसे शिक्षकों के साथ अन्याय होगा जिन्होंने पूरी ईमानदारी और मेहनत के साथ इतनी भीषण गर्मी में भी जनगणना का कार्य समय से पहले पूरा कर दिया है,
जिसके बदले में कम से कम उनको 15 दिन का ग्रीष्म अवकाश बढाकर या 25 EL देकर एक पारितोषिक दिया जा सकता है,
ऐसा न होने पर शिक्षकों ने पहले सोशल मीडिया पर फिर जमीन पर आंदोलन करने की भी चेतावनी दी है।
