टीईटी अनिवार्यता से छूट और पुरानी पेंशन बहाली को लेकर उत्तराखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ ने 18 कर्मचारी संगठनों से समर्थन मांगा है। 22 जून के सचिवालय कूच को दिल्ली, हरियाणा,हिमाचल, पंजाब, जम्मू कश्मीर, गुजरात, असम के शिक्षकों के साथ ही अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने समर्थन भी दे दिया है। प्राथमिक शिक्षक संघ की प्रांतीय तदर्थ समिति के सदस्य दिगंबर सिंह नेगी और देहरादून जिलाध्यक्ष के साथ ही आंदोलन के संयोजक धर्मेंद्र रावत ने विभिन्न संगठनों को पत्र लिखा है।
दूसरी तरफ, टीईटी मामले को लेकर प्राथमिक शिक्षक संघ की प्रांतीय तदर्थ समिति की गुरुवार को देहरादून में बैठक होगी। तदर्थ समिति के सदस्य मनोज तिवारी ने बताया कि बैठक रेसकोर्स स्थित पदम सिंह शिक्षक भवन में 11 बजे शुरू होगी। इसमें सचिवालय कूच के साथ ही इसके बाद के आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी।
सीएम से एलटी शिक्षकों को राहत देने की मांग
राजकीय शिक्षक संघ के पूर्व महामंत्री डॉ. सोहन सिंह माजिला ने मंगलवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात कर शिक्षकों की पदोन्नति, स्थानांतरण के साथ ही एलटी में कार्यरत शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से छूट देने की मांग की। उन्होंने शिक्षा विभाग में अनुरोध आधारित ट्रांसफर के साथ ही धारा 23 की सूची जारी करने और यूपी की तर्ज पर शिक्षकों को प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने के लिए आयु सीमा में पांच वर्ष की छूट देने का अनुरोध किया।
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माजिला ने बताया कि मुख्यमंत्री ने समाधान का आश्वासन दिया। कहा कि जल्द शिक्षक संगठनों के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर रास्ता निकाला जाएगा। टीईटी की अनिवार्यता के मामले में किसी भी दशा में सेवा और पदोन्नति को बाधित नहीं होने दिया जाएगा।

