16 October 2026

धर्म बदलने के बाद आरक्षण का लाभ नहीं

नई दिल्ली, विसं। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को महत्वपूर्ण फैसले में कहा कि इस्लाम धर्म अपनाने वाला कोई व्यक्ति, धर्म परिवर्तन से पहले की अपनी स्थिति के आधार पर पिछड़े वर्ग के आरक्षण का हकदार नहीं है। शीर्ष अदालत ने मद्रास हाईकोर्ट के फैसले को बहाल रखते हुए कहा है कि 'जो व्यक्ति हिंदू सामाजिक व्यवस्था से किसी गैर-हिंदू सामाजिक व्यवस्था में धर्म परिवर्तन करता है, वह केवल धर्म परिवर्तन से पहले की अपनी सामाजिक स्थिति से जुड़े पिछड़ेपन के आधार पर, संविधान के अनुच्छेद 16(4) के तहत विशेष लाभ का दावा नहीं कर सकता। न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति एस. चंद्रशेखर की पीठ ने हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ तमिलनाडु सरकार की अपील खारिज कर दी।

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