शिक्षकों संग हो रहा सौतेला व्यवहारः रविंद्र


सीतापुर। उत्तर प्रदेशीय शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष दिनेश चन्द्र शर्मा के निर्देश पर सीतापुर के हजारों शिक्षकों ने जिला अध्यक्ष रविंद्र दीक्षित के नेतृत्व में बीएसए कार्यालय के सामने पुरानी पेंशन बहाली, कैशलेस चिकित्सा, स्थानांतरण, पदोन्नति एवं सेवाशर्तों से जुड़ी 18 सूत्रीय मांगों को लेकर धरना दिया। बताते चले प्राथमिक शिक्षक संघ अपनी मांगों को लेकर पूर्व में ही ज्ञापन एवं प्रदर्शन के रूप में विरोध दर्ज करा चुका है।



परन्तु सरकार द्वारा अब तक उनकी मांगें नही मानी गई हैं। विगत माह ही संघ ने सांसद व विधायक गणों के माध्यम से अपनी मांगों को सन्दर्भित ज्ञापन प्रदेश के मुख्यमंत्री को भेजा हैं। संघर्ष के उसी क्रम में आज जिला अध्यक्ष के नेतृत्व में हजारों शिक्षको ने धरना दिया । सर्वप्रथम जिलाध्यक्ष द्वारा सरस्वती पूजन एवं वंदना की गई। संगठन मंत्री पुनीत कुमार शुक्ल जीतू द्वारा माँगपत्र पढ़कर सुनाया गया और सदन द्वारा पारित कराया गया । जिला अध्यक्ष रवींद्र ने कहा कि सरकार हमारी जायज माँगो को भी नहीं मान रही । सांसद और विधायक स्वयं पुरानी पेंशन का लाभ ले रहे हैं, कैशलेस चिकित्सा हो पदोन्नति हो ट्रांसफर हो सभी सरकारी वादे अपूर्ण हैं। काफी समय से शिक्षको के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है, उन्होंने बताया कि पुरानी पेंशन खत्म, स्वास्थ्य बीमा खत्म, सामूहिक बीमा खत्म, सविलियन के नाम पर प्रधानाध्यापक का पद खत्म, स्थानांतरण की जटिल व्यवस्था, पदन्नोति नही होना, अव्यवहारिक विद्यालय समय परिवर्तन, जबरदस्ती ऑनलाइन कार्य लिया जाना, प्रतिदिन अनावश्यक आदेश जारी कर काम का बोझ डालकर मानसिक उत्पीड़न, नगर प्रतिकर भत्ता खत्म, परिवार नियोजन भत्ता खत्म, आठवां वेतन आयोग खत्म, डेढ़ साल तक महंगाई भत्ते समेत तमाम भत्ते फ्रीज कर दिए गये। मिलने वाले अवकाशो में लगातार कमी, वेतन विसंगति ऐसे अनेको अनेक समस्याओं का सामना रोज हर शिक्षक कर रहा हैं। जिला कोषाध्यक्ष नवीन श्रीवास्तव ने कहा कि अभी भी सरकार नींद से नहीं जागी तो वो समय दूर नहीं है जब सरकार ही बदल दी जायेगी हम गाँवो में कार्य करने वाले शिक्षक हैं जहाँ पूरे मतदान का 70 प्रतिशत मतदाता रहता हैं अगर शिक्षको ने ठान ली तो सरकार ही बदल जाएगी। मंच संचालन जिला उपाध्यक्ष महिपाल सिंह तोमर ने किया । इस धरने में मीडिया प्रभारी विवेक पण्डित, रत्नेश मिश्र, हंसराज, पुनीत कुमार शुक्ल, पवन सिंह, प्रदीप वर्मा, गिरिजेश अवस्थी, अश्वनी सिंह, विनोद वर्मा, राजकिशोर सिंह, सच्चिदानंद, महेंद्र पांडेय, शिवसागर, नित्यानंद, दिनेश मिश्र, चन्द्रशेखर, अजय सिंह, उमेश यादव, अंजली, वन्दना दीक्षित समेत हजारों की संख्या में शिक्षको-शिक्षकों ने भाग लिया ।