नई दिल्ली,
ईरान और अमेरिका-इजराइल जंग के बीच केंद्र सरकार ने बुधवार को नए आदेश जारी किए। इसके मुताबिक, पीएनजी वाले इलाकों में कनेक्शन लेना अनिवार्य होगा। सरकार ने ऐसे लोगों को एलपीजी की आपूर्ति बंद करने का फैसला किया है।
अफवाहों से बचें लोग: पेट्रोलियम मंत्रालय में संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि यदि लोग कनेक्शन नहीं लेंगे तो तीन महीने बाद गैस सिलेंडर की आपूर्ति बंद कर दी जाएगी। हालांकि, जहां पाइप कनेक्शन देना तकनीकी रूप से संभव नहीं है, वहां एनओसी के आधार पर एलपीजी आपूर्ति जारी रहेगी। इसके साथ ही केंद्र सरकार में देश में पेट्रोलियम पदार्थों की किसी तरह की किल्लत से इनकार करते हुए लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की। सरकार का कहना है कि देश में पेट्रोल, डीजल, एलपीजी और पीएनजी की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है।
घबराहट में खरीदारी न करने की अपील : संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि देश में सभी तेल रिफाइनरी पूरी क्षमता के साथ काम कर रही हैं। लोगों को विश्वास दिलाते हुए उन्होंने कहा कि देश में पेट्रोल, डीजल और गैस की किसी भी तरह की कमी नहीं है। उन्होंने अपील की कि लोग घबराहट में खरीदारी नहीं करें।
ढाई लाख नए कनेक्शन: सुजाता शर्मा ने कहा कि पिछले 25 दिनों में 2.5 लाख पीएनजी के नए कनेक्शन लिए गए हैं। इनमें 2.2 लाख एलपीजी उपभोक्ता पीएनजी पर शिफ्ट हुए हैं। उन्होंने बताया कि विभिन्न गैस वितरण कंपनियों के पास 2.5 लाख आवेदन लंबित हैं।
जमाखोरी पर सख्ती : रसोई गैस की जमाखोरी के खिलाफ कार्रवाई का उल्लेख करते हुए शर्मा ने कहा कि मंगलवार को 2700 स्थानों पर छापेमारी की गई। दो हजार सिलेंडर जब्त किए गए। तेल कंपनियों ने भी 2700 डिस्ट्रीब्यूटर को कारण बताओ नोटिस दिए हैं। सरकार के अनुसार, प्रवासी श्रमिकों की परेशानी को ध्यान में रखते हुए 30 हजार से अधिक पांच किलो के सिलेंडर वितरित किए हैं।

