। यूपी बोर्ड की परीक्षा में नकल के सहारे परीक्षार्थियों को पास करने के लिए केंद्रों पर एक से बढ़कर एक खेल होता है। वॉयस रिकॉर्डरयुक्त सीसीटीवी कैमरे लगने के बाद जहां केंद्रों पर बोल-बोलकर नकल कराई जाने लगी तो कुछ केंद्रों पर बी कॉपी लिखवाकर ए कॉपी में जोड़ दिया गया। ताजा मामला प्रयागराज के ही करछना क्षेत्र के परीक्षा केंद्र पं. अनन्तराम पांडेय इंटरमीडिएट कॉलेज लेहारी बसही से जुड़ा है। यहां की उत्तरपुस्तिकाएं पश्चिम यूपी के एक जिले में मूल्यांकन के लिए गई है।
परीक्षकों ने कॉपी जांचनी शुरू की तो इंटरमीडिएट रसायन विज्ञान की कुल 286 उत्तरपुस्तिकाओं में से 42 में अलग से जोड़ी गई ‘बी’ का हस्तलेख (हैंडराइटिंग) अलग मिली। कुछ में प्रश्नों के उत्तर भाषा बदलकर अंग्रेजी भाषा में दिए गए हैं। यही नहीं ‘ए’ और ‘बी’ कॉपी पर कक्ष निरीक्षकों के हस्ताक्षर भी भिन्न मिले। कुछ कॉपियों में परीक्षार्थी ने ‘ए’ कॉपी में हल किए गए प्रश्नों के उत्तरों को काटकर ‘बी’ कॉपी में फिर किसी अन्य हस्तलेख में हल किया है।
मूल्यांकन केंद्र के उपनियंत्रक की ओर से जिला विद्यालय निरीक्षक को भेजी रिपोर्ट में साफ लिखा है कि इन कॉपियों में परीक्षा की शुचिता प्रभावित होने की पूर्ण संभावना है। साथ ही मार्गदर्शन मांगा है कि संदिग्ध 42 उत्तरपुस्तिकाओं के संबंध में आगे क्या कार्यवाही की जाए।
डीआईओएस से इस मामले की रिपोर्ट मिलने के बाद यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह ने करछना के परीक्षा केंद्र की कॉपियां जहां-जहां जंचने के लिए गई हैं उन सभी केंद्रों से रिपोर्ट मांग ली है। इसके अलावा डीआईओएस प्रयागराज से भी सीसीटीवी फुटेज और रिपोर्ट मांगी है।
दो दिन नहीं होगा बोर्ड परीक्षा की कॉपियों का मूल्यांकन
प्रयागराज। रामनवमी का अवकाश 26 और 27 मार्च को पड़ने के कारण यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा की कॉपियों का मूल्यांकन भी प्रदेश के सभी 254 केंद्रों पर दोनों दिन स्थगित रहेगा। बोर्ड सचिव भगवती सिंह ने एक अप्रैल तक मूल्यांकन पूरा करने के निर्देश दिए हैं। 18 मार्च से शुरू हुए मूल्यांकन में अब तक 50 प्रतिशत कॉपियां भी जांची नहीं जा सकी है। ऐसे में 28 मार्च से एक अप्रैल तक पांच दिन में आधी से अधिक उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन चुनौतीपूर्ण होगा।
इस केंद्र पर 853 छात्र-छात्राओं ने दी थी परीक्षा
करछना के जिस केंद्र पर अलग से बी कॉपी लिखवाने के आरोप लगे हैं वहां 853 छात्र-छात्राओं ने परीक्षा दी थी। 11 स्कूलों के 439 विद्यार्थी हाईस्कूल और छह स्कूलों के 414 विद्यार्थी इंटरमीडिएट की परीक्षा के लिए पंजीकृत थे।

