प्रयागराज :
प्रधानाध्यापक पद के अभ्यर्थियों ने अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) जूनियर हाईस्कूल की प्रधानाध्यापक एवं सहायक अध्यापक भर्ती की दूसरी बार जारी अंतिम चयन सूची को लेकर अध्यर्थियों में असंतोष है।
विशेष रूप से प्रधानाध्यापक पद के परिणाम की सूची में गड़बड़ी के आरोप लगाए गए हैं। वर्षों से सरकारी विद्यालयों, अनुदेशक पदों और कस्तूरबा गांधी विद्यालयों में कार्यरत अभ्यर्थियों के अनुभव को मान्यता नहीं दी गई। इससे चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर प्रश्नचिह्न उठाए गए हैं।
अंतिम चयन सूची से बाहर हुए अभ्यर्थियों ने सूची संदिग्ध होने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि पहले बिना हस्ताक्षर के जारी पत्र में प्रधानाध्यापक पदों की संख्या 103 बताई गई, जिसमें बेसिक शिक्षा निदेशक के हस्ताक्षर नहीं थे।
उसके बाद जब रिक्तियां घटाने के साथ अंतिम सूची जारी की गई, तो उसमें प्रधानाध्यापक के 93 ही पद थे। चयन से वंचित अभ्यर्थियों ने विभागीय अधिकारियों की कार्यशैली पर नाराजगी जताई है और कहा है कि सरकार ने मामले का संज्ञान नहीं लिया तो वे आंदोलन करने के साथ पुनः कोर्ट जाएंगे।

